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दो हजार से ज्यादा किसानों को नहीं मिली ओला राहत
ओलावृष्टिके आठ माह बाद भी दो हजार से ज्यादा किसानों को राहत का पैसा अब तक नहीं मिला है। इस मामले में जौरा विधायक के तारांकित प्रश्न पर राजस्व मंत्री रामपाल सिंह ने घोषणा की थी कि ओला राहत से वंचित किसानों की जांच कराई जाएगी लेकिन डेढ़ महीने बाद भी शासन ने जांच शुरू नहीं कराई है।
जौरा विधानसभा क्षेत्र के बर्रेंड, खेरा, मामचौन, कुर्रोली, लाभकंद, बस्तौली, बिरावली डमेजर गांव के 200 से ज्यादा किसानों के खेत में ओला गिरने से सरसों की फसल पसर गई थी लेकिन सर्वे में उन किसानों के नाम नहीं जोड़े गए थे। इस मामले को विधायक सूबेदार सिंह रजौधा ने विधानसभा में उठाया था। राजस्व मंत्री रामपाल सिंह ने सदन में घोषणा की थी कि जिन किसानों के नाम ओला राहत में नहीं जुड़ पाए हैं उसकी जांच कराई जाएगी। डेढ़ महीना बीतने के बाद भी शासन ने इस तरह की किसी जांच के आदेश जारी नहीं किए हैं। इसके चलते ओला राहत से वंचित किसानों को सरकारी मदद नहीं मिल पाई है। यह मुद्दा 19 सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुरैना प्रवास के दौरान उनके समक्ष उठाया जा सकता है।
अंबाह-पोरसामें भी 500 किसान प्रभावित : अंबाह,पोरसा दिमनी क्षेत्र के 500 से ज्यादा किसानों की सरसों आलू की फसल ओलावृष्टि के कारण दिसंबर 13 जनवरी 14 के महीने में 50 प्रतिशत से ज्यादा खराब हो गईं थी। विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासन ने फसलों की क्षति को 50 फीसदी तक आंका था।
सबलगढ़में 1000 किसान प्रभावित : सबलगढ़कैलारस क्षेत्र के एक हजार से ज्यादा किसानों के लिए शासन ने तो ओला राहत का पैसा भेजा लेकिन जिला केन्द्रीय सहकारी बैंकों ने उसे किसानों के खातों में ट्रांसफर नहीं किया। इस संबंध में 22 अगस्त को प्रभावित किसानों ने सबलगढ़ प्रवास के दौरान कलेक्टर शिल्पा गुप्ता से इसकी शिकायत भी की थी लेकिन तब से अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।
खेत में ओलों से बर्बाद फसल (फाइल फोटो)
कहां कितनी राहत भेजी
{सबलगढ़ : 16683 किसानों के लिए 11 करोड़ 67 लाख 5352 रुपए।
{ कैलारस : 13155 किसानों के लिए नौ करोड़ 53 लाख 5110 रुपए।
{ मुरैना : 2103 किसानों के लिए एक करोड़ 97 लाख 37 हजार रुपए।
{जौरा : 1904 किसानों के लिए एक करोड़ 38 लाख 61 हजार 580 रुपए।
कमेटी ने शुरू नहीं की जांच, 200 किसान परेशान
^राजस्वमंत्री रामपाल सिंह ने जांच