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सत्याग्रह के पांचवें दिन मशाल जुलूस निकाला, हरकत में आया प्रशासन
पुरावसकलांगांव की दलित बस्ती में सरकारी स्कूल भवन बनाए जाने की मांग को लेकर सत्याग्रह कर रहे गांधीवादी कार्यकर्ता जयंत तोमर की हालत पांचवे दिन और बिगड़ गई। मंगलवार की शाम शहर के कई संगठनों गांधीवादी नेताओं ने कलेक्टोरेट सत्याग्रह स्थल पर पहुंचकर सत्याग्रही को अपना समर्थन दिया। यहां से शाम को एक मशाल जुलूस शहर की सड़कों पर निकाला गया।
ज्यों ही मशाल जुलूस शुरू हुआ, प्रशासन हरकत में गया। एसडीएम अशोक कम्ठान ने सत्याग्रही जयंत तोमर से वार्ता करना चाही, तब उन्होंने कह दिया कि इस मामले में उनकी कोर कमेटी है, जो जुलूस में गई है, आने पर ही वार्ता हो सकेगी। फिर जुलूस समापन के बाद बैठक शुरू हुई। इस बैठक में सरपंच बादामीदेवी, उनके पति चिम्मन सिंह, लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष संजीव राणा, कामरेड श्रीकृष्ण यादव, ब्रजकिशोर सिंह, विजयराजे परमार आदि शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री तोमर ने भी नहीं की मदद
यादरहे, पुरावसकलां गांव में सरपंच बादामीदेवी दलित बस्ती में सरकारी मिडिल स्कूल का भवन बनवाने के लिए पिछले एक साल से संघर्ष कर रही हैं। इस मामले में वे भोपाल दिल्ली तक में धरना दे आईं हैं, लेकिन भाजपा के पूर्व विधायक शिवमंगलसिंह तोमर पुरावसकलां के पूर्व सरपंच नाथू सिंह तोमर मिलकर इस स्कूल को नहीं बनने दे रहे हैं। जबकि इस मामले में सत्याग्रही जयंत तोमर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर से भी मिले। तब उन्होंने कह दिया कि जयंत भाई आप इस मामले को छोड़कर कोई भी एक काम मुझसे करा लीजिए, लेकिन जयंत तोमर ने कह दिया कि उन्हें कोई निजी काम नहीं कराना है, वे तो जनहित में यह स्कूल दलित बस्ती में बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह सुनकर फिर केंद्रीय मंत्री तोमर ने इस मामले में कोई मदद नहीं की।
मुरैना। मशाल जुलूस में शामिल सत्याग्रही।