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सीबीआई ने छलने से छानी रेत, मोर्चा पोस्ट पर लगीं बोरियों से निकलीं गोलियां

7 वर्ष पहले
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रेत माफिया द्वारा एसएएफ जवानों पर की गई फायरिंग की गोलियां निकली हैं।

भास्करसंवाददाता| मुरैना

चंबलके अवैध रेत उत्खनन को पकड़ने के दौरान एसएएफ पर हुए हमलों की जांच कर रही सीबीआई टीम ने देवरी स्थित डॉल्फिन-घड़ियाल ईको सेंटर पर रेत छानी। इसमें से वे गोलियां निकली हैं, जो रेत माफिया ने एसएएफ पर हथियारों से बरसाईं थीं। गुरुवार को सीबीआई ने दैनिक भास्कर से इसकी पुष्टि की कि उन्हें एसएएफ पर हुए हमले के पुख्ता के सबूत मिल गए हैं, अब हथियारों की बरामदगी होना बाकी है।

याद रहे, मुरैना में सीबीआई टीम छह जून को आई थी। तब से यह टीम रेत मामले में एसएएफ पर हमलों पर काम कर रही है। यह टीम हाईकोर्ट के आदेश पर आई है, जिसे दो केस सौंपे गए हैं। टीम का नेतृत्व सीबीआई के इंस्पेक्टर अमित कुमार कर रहे हैं, जो एसएएफ पर रेत माफिया द्वारा किए गए हमलों की गहनता से जांच कर रहे हैं। सीबीआई ने सात आरोपियों के खिलाफ इंदौर स्थित सीबीआई कोर्ट में चालान प्रस्तुत कर दिए हैं। जिसके लिए साक्ष्य जुटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।

गुरुवारको छानी रेत: सीबीआईकी टीम ने गुरुवार को देवरी के डॉल्फिन-घड़ियाल ईको सेंटर पर एसएएफ की मोर्चा पोस्ट पर उन बोरियों से रेत निकलवाया जिनके पीछे खड़े होकर एसएएफ के जवान यहां से निकलने वाली रेत की ट्रॉलियों को हथियारों की दम पर रोकते थे। इन बोरियों में रेत भरा रहता था। इस रेत को छलने से छाना गया। छनाई के बाद इसमें बुलेट मिले हैं।

इसमामले में छानी रेत : सीबीआईने गुरुवार को जो रेत छानी, जिसमें बुलेट मिले, वह हमला 30 मार्च 2014 को सुबह पांच बजे हुआ था। उस दिन एसएएफ जवान यहां तैनात थे। जिसमें चंबल से रेत लेकर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने की कोशिश करने पर रेत माफिया ने एसएएफ पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिसकी एक गोली एसएएफ के हवलदार वीरेंद्र सिंह परिहार की पीठ में लगी थी।

इस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने 16 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला कायम किया था। इसमें से नौ आरोपी सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किए थे, जबकि दो आरोपी सीबीआई ने पकड़े हैं। बाकी छह आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

दूसरे मामले में भी चालान पेश :

सीबीआई के पास एसएएफ पर हुए दूसरे हमले की भी जांच है, जिसमें दोनों आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके थे। यह हमला दो मार्च 2014 को आरटी