वन अमले पर फायरिंग
^टीम जीपीएस रीडिंग लेने गई थी। यहां कुछ अज्ञात लोगों ने टीम पर फायरिंग कर दी। फोर्स के साथ पहुंचकर उनकी तलाश की, लेकिन वे नहीं मिले। अब एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। सुखदेवशर्मा, रेंजर वनविभाग मुरैना
कैमरा, कैंथरी चंबल घाट पर सर्चिंग करती एसएएफ वनविभाग की टीम।
जीपीएस रीडिंग लेने गई थी टीम, बरबासिन गयापुरा के बीच बने घाट
भास्करसंवाददाता| मुरैना
रेतमाफियाओं ने एक बार फिर वनकर्मियों पर फायरिंग कर दी। घटना गुरुवार की सुबह बरबासिन गयापुरा के बीच बने घाट पर हुई। वनविभाग की टीम में शामिल सुरेशचंद गोयल, विजय रतन डण्डौतिया, बृजेश मांझी, बंटी गुर्जर रमेश मल्लाह मोटर वोट के जरिए यहां जीपीएस रीडिंग लेने पहुंचे थे। टीम ने जैसे ही वोट से उतरकर घाट पर कदम रखा वहां कुछ दूरी पर मौजूद रेत माफियाओं ने फायरिंग शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार माफियाओं ने तकरीबन छह-सात राउण्ड फायर किए। घटना में कोई घायल तो नहीं हुआ लेकिन अचानक हुई गोली-बारी से घबराई टीम वोट के जरिए उल्टे पांव वापस निकल आई और मामले से महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। बाद में वन विभाग का अमला एसएएफ के एक दल के साथ पुन: इस घाट पर पहुंचा और रेत माफियाओं की तलाश की, लेकिन कोई भी आरोपी हाथ नहीं सका। सर्चिंग टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर मौके से फरार हो गए। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद फोर्स खाली हाथ वापस गया है। सर्चिंग के दौरान कई जगह रेत के ढेर दिखाई दिए जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सभी आरोपी फोर्स पहुंचने की भनक पाकर रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को खाली कर बीहड़ों के रास्ते गांव में निकल गये।
पहलेभी हुए हमले
चंबलके बीहड़ों स्थित पटवारी ट्रेनिंग सेंटर क्षेत्र में डंप रेत को उठाने पहुंची वन विभाग की टीम पर रेत माफियाओं ने 2 फरवरी को भी हमला कर खदेड़ दिया था। बाद में भारी फोर्स के साथ महकमा डंप रेत को उठाने में कामयाब हो सका था। इस घटना के आरोपियों को पुलिस तलाश नहीं सकी है कि गुरूवार को पुन: रेत माफिया ने वनकर्मियों पर फायरिंग कर दी।