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विकलांग गरीब बच्चों का बने सहारा, कराए विवाह

6 वर्ष पहले
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एक परिवार ऐसा है जो अब तक सैकड़ों कन्याओं के विवाह करा चुका है

भास्करसंवाददाता| मुरैना

बाबाजमींदार थे, समाजसेवा करते थे, तब नाती उनके साथ रहता था। बाबा परमलोक सिधार गए तो नाती ने उनके नाम से समाजसेवा शुरू कर दी। ऐसी समाजसेवा कि डेढ़ दशक में दो गांवों में विकलांग बच्चों गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के साथ ही वर्ष 2013 से अब तक 600 से अधिक अपाहिज कन्याओं के हाथ पीले करा दिए। इनके लिए 16 सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए, जिनमें प्रत्येक में गृहस्थी का सामान दिया गया।

सुरजनपुर के जमींदार स्वर्गीय ठाकुर राजमणी सिंह डंडोतिया के नाम पर उनके नाती मनोज सिंह ने शिक्षा प्रसार समाज कल्याण समिति बनाकर पलपुरा बसई गांव में 18 साल पहले बेसहारा विकलांग बच्चों के लिए स्कूल खोला। इसमें मनोज ने बच्चों को खुद ही शिक्षा दी। उसके पांच साल बाद देवीसिंह का पुरा में भी बेसहारा अपाहिज बच्चों के लिए स्कूल खोला गया। वहां मनोज चार किलोमीटर पैदल चलकर रोजाना पढ़ाने जाते थे। वर्ष मनोज सिंह ने वर्ष 2013 से सामूहिक विवाह सम्मेलनों की शुरूआत की। जिसमें उनकी समिति ने सर्वजातीय विकलांग, बेसहारा गरीबों की कन्याओं के हाथ पीले कराए। क्रम ऐसा चल निकला कि एक के बाद एक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाने लगे और गृहस्थियां बसने लगीं।

समाज का लेते हैं सहयोग

^बाबा ने समाजसेवा की तो हमने भी वही बीड़ा उठाया। हमारा जमींदार परिवार है, इसलिए समाजसेवा में कोई परेशानी नहीं होती। हम तो समाज का सहयोग भी इसमें लेते हैं। मनोजसिंह, समाजसेवी मुरैना

ये हुए बड़े विवाह सम्मेलन

{21अप्रैल 2014 को श्रीहंस गार्डन में 75 सर्वजातीय बेसहारा, अपाहिज जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ

{तीन नवंबर 2014 को सात बेसहारा, अपंग गूंगी बहरी कन्याओं के हाथ पीले कराए।

{तीन दिसंबर 2014 को नौ कन्याओं के हाथ पीले कराए गए।

{मनोज सिंह की समिति 20 फरवरी को 17 वां सर्वजातीय विवाह समारोह आयोजित करने जा रहे हैं। इसमें विकलांग कन्याओं के अलावा 30 अनुसूचित कन्याओं के विवाह भी कराए जाएंगे।

विवाह सम्मेलन में जोडे को आर्शीवाद देते मनोज डण्डोतिया। (फाइल फोटो)