60 दिन में दूध के सिर्फ छह सैंपल भरे
खाद्य सुरक्षा अधिकारी निर्धारित लक्ष्य तक पूरे नहीं कर पा रहे हैं
भास्करसंवाददाता|मुरैना
सिंथेटिकदूध के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई का ग्राफ दिसंबर जनवरी माह में कमजोर साबित हुआ है। टारगेट के मुताबिक जहां 15 से 20 मामलों मेें कार्रवाई की जाना थी वहीं सिर्फ छह स्थानों से दूध के सैंपल लिए गए हैं। इस हाल में सिंथेटिक दूध का कारोबार खुलेआम चल रहा है।
दिसंबर 14 में मिलावटी दूध की आशंका में दो स्थानों से सैंपलिंग की कार्रवाई की गई है। जनवरी की कार्रवाई पर गौर करें तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी सविता सक्सेना ने 21 जनवरी को टैंकर क्रमांक आरजे 05 जीए 8816 से मिश्रित दूध का सैंपल लिया है। इस टैंकर को भी प्रशासनिक अधिकारियों ने पकड़ा था। दूसरी कार्रवाई 23 जनवरी को कोटसिरथरा गांव में दिलीप सिंह विष्णु शर्मा की डेयरी से दूध के सैंपल लिए गए थे। तीन जनवरी को सुजरमा क्षेत्र के चौकी गांव में रामअवतार धाकड़ करन सिंह पुत्र ग्यासीराम धाकड़ की डेयरी से मिक्सड दूध की सैंपलिंग की गई। उक्त छह कार्रवाई के अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सिंथेटिक दूध के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि हर माह प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारी को कम से कम पांच सैंपल लेने का लक्ष्य पूरा करना होता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की वर्किंग पर नजर डालें तो तीनों के कामकाजी लक्ष्य अधूरे हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता का मुख्यालय अंबाह में होने के बाद वह मुरैना में रहते हैं। जौरा की खाद्य सुरक्षा अधिकारी, ग्वालियर से अप-डाउन करती हैं। मुरैना की खाद्य सुरक्षा अधिकारी रेखा सोनी भी बिना अनुमति ग्वालियर/दतिया चली जाती हैं।
गजक का सैंपल अनसेफ
मकरसंक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कलेक्टोरेट के सामने संचालित कमल गजक भंडार से गुड़ की गजक का सैंपल लिया था। जांच में सैंपल अनसेफ पाया गया है। जांच रिपोर्ट में तथ्य सामने आए हैं कि गजक में सेलम पावडर की मिलावट की गई है। इस मामले में पांच लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।
ग्लूकोजनिकला सब स्टैंडर्ड
कोतवालीपुलिस ने चार जनवरी को एमएस रोड स्थित बिजली घर के सामने संचालित अशोक शर्मा के गोदाम से सिंथेटिक दूध बनाने का जो सामान जब्त किया था। उसकी सैंपल जांच रिपोर्ट में ग्लूकोज पावडर सब स्टैंडर्ड पाया गया है। रिफाइंड वेजीटेबल ऑइल, मिसब्रांड पाया गया है। साथ ही केमिकल को मिलावटी अपद्रव्य बताया गया है। कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट एडीएम कोर्ट में पेश की जाएगी।