सांसद ने चुनाव प्रचार के दौरान नलजल योजना चालू करने के किए थे वादे
अंबाह। चंबल के बीहड़ों में बसे सात गांव में पीने की पानी की समस्या हल होती नजर नहीं रही है। सांसद अनूप मिश्रा ने चुनाव प्रचार के दौरान वहां के लोगों से पांच से बंद पड़ी नलजल योजना चालू कराने का वायदा किया किया था। लेकिन चुनाव बीतने के नौ माह बाद भी वादा पर अमल के नतीजे शून्य हैं।
खारे पानी की समस्या से प्रभावित रामगढ़, चुस्सलई, बिचपई, नोहरो, भोलापुरा, सुख ध्यान का पुरा, इंद्र जीत का पुरा के ग्रामीणों ने शनिवार को भास्कर को बताया कि अप्रेल माह में सांसद अनूप मिश्रा चुनाव प्रचार के दौरान रामगढ़ गांव स्थित माता मंदिर पर आए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि
उक्त गांव में हैडपंप कुंए से खारा पानी निकलता है जो पीने योग्य नहीं है। गांव में उपलब्ध पानी खारा होने के कारण नाहने कपड़े धोने लायक भी नहीं है। ग्रामीणों ने सांसद को बताया कि खारे पानी की समस्या को दूर करने केंद्र सरकार की योजना के तहत वर्ष 2010 में पीएचई विभाग द्वारा 40 लाख रुपए की लागत से इन गांव में नलजल योजना का स्ट्रक्चर खड़ा किया गया। लेकिन बिजली के अभाव में योजना अब तक शुरू नहीं हुई। जबकि नलजल योजना के लिए खड़ा किया गया स्ट्रक्चर देखरेख के अभाव में नष्ट हो रहा है। खारे पानी की समस्या के चलते प्रभावित गांव की महिलाओं बच्चों को सुबह-शाम दो किलोमीटर दूर स्थित चंबल नदी से पीने का पानी लाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सांसद ने समस्या गंभीरता लेते हुए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कसम खाकर वादा किया कि अगर में सांसद बना तो आपके गांव में केवल बिजली पहुंचाई जाएगी, बल्कि घरों तक पानी पहुंचाने के लिए चुनाव के बाद तत्काल नलजल योजना को शुरू करा दिया जाएगा। अनूप मिश्रा को सांसद बने हुए नौ माह से अधिक समय बीत गया, लेकिन उन्होंने खारे पानी की समस्या से प्रभावित गांवों की सुध नहीं ली है।
नष्ट हो रहा है 40 लाख का स्ट्रक्चर : ग्रामीणोंने बताया कि वर्ष 2010 में पीएचई विभाग द्वारा प्रभावित गांव में चालीस लाख की लागत से केवल सात बोर कराए, बल्कि सभी गांव में टंकियों का निर्माण भी कराया गया। लेकिन बिजली के अभाव में वाटर पंप शुरू नहीं होने से टंकियां बोर खराब हो रहे हैं। गांव के बच्चे बोर में पत्थर डाल देते हैं तथा टंकिया भी चटक रहीं हैं। इसके अलावा वीरान पड़े पंपों हाउसों में आसामाजिक लोग जुआ, शराब जैसी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
गांव में बिजली पहुंचने की संभावना नहीं : '' प्रभावित गांव में फिलहाल बिजली पहुंचने की संभावना नहीं है, इसलिए सोलर पंप लगाकर नलजल योजना शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। बिचपई नोहरो गांव में सोलर पंप लगाकर योजना को शुरू किया है। इन गांव में सोलर प्लेटें गायब होने जानकारी मुझे नहीं है।'' आरके सिंह, कार्य पालन यंत्री पीएचई विभाग मुरैना।