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65 हजार छात्रों का नहीं हो पाया सत्यापन, नाम काटने की तैयारी

7 वर्ष पहले
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स्कूलोंमें पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की समग्र पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग का काम 13 सितंबर तक पूरा नहीं हो सका है। कार्रवाई से बचने के लिए शिक्षा विभाग के अफसरों ने डाइस (डिस्ट्रिक्ट इनफॉरमेशन सिस्टम फोर एजुकेशन)के आंकड़ों को कम कराने का प्रस्ताव भोपाल में पेश किया है। सच्चाई अब तक सामने नहीं आई है कि डाइस के आंकड़े गलत या सत्यापन कार्य में शिक्षकों ने लापरवाही बरती है?

शिक्षा विभाग के समग्र पोर्टल पर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन फीडिंग का काम एक सितंबर तक पूरा किया जाना था, लेकिन 13 सितंबर की स्थिति पर भी नजर डालें तो जिले के किसी भी विकासखंड में ऑनलाइन फीडिंग का काम 100 फीसदी पूरा नहीं हो पाया है। सबसे कम फीडिंग 53 प्रतिशत अंबाह ब्लाक में 68 फीसदी मुरैना ब्लाक में की गई है।

एजुकेशन पोर्टल पर छात्रों की ऑनलाइन फीडिंग करते कर्मचारी।

नाम काटने का प्रस्ताव भोपाल भेजा है

^64977हजार छात्रों के नाम डाइस में से काटने का प्रस्ताव भोपाल भेजा है। पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के नाम ऑनलाइन फीडिंग में शामिल रहेंगे। डा.दीपकपाण्डेय, जिलाशिक्षा अधिकारी मुरैना

65 हजार छात्रों के नाम काटने का प्रस्ताव

डाइसने ऑनलाइन फीडिंग के लिए जिला शिक्षा कार्यालय को छात्रों की जो संख्या दी है उसमें से लगभग 64977 छात्रों के नाम डाइस में विलुप्त करने का प्रस्ताव डीईओ डा. दीपक पाण्डेय ने भोपाल में प्रस्तुत किया है। प्रस्ताव में मुरैना में 21309, पोरसा में 13142, जौरा में 12153, अंबाह में 10744, सबलगढ़ में 6429 पहाडग़ढ़ में 200 छात्रों के नाम डाइस की सूची से काटने की मांग की गई है।

दोषियोंपर कार्रवाई नहीं

डाइसने जिला शिक्षा कार्यालय को स्कूल मैपिंग के जो आंकड़े ऑनलाइन फीडिंग के लिए उपलब्ध कराए थे वह सत्य नहीं हैं तो इस मामले में परिवार आर्थिक गणना करने वाले कारिंदों के खिलाफ शासन प्रशासन अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है।

कहां कितनी फीडिंग

ब्लाकडाइस द्वारा ऑनलाइन कितने फीसदी

मैपिंग फीडिंग हुआ काम

पहाडग़ढ़37598 31376 83 फीसदी

कैलारस 49018 35957 73 फीसदी

पोरसा 48000 41731 87 फीसदी

सबलगढ़ 53956 43845 80 फीसदी

अंबाह 83369 44328 53 फीसदी

जौरा 66915 51551 76 फीसदी

मुरैना 1,53,939 1,49,009 68 फीसदी