पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ‘मानवाधिकार आयोग के प्रति ठीक नहीं है राज्य सरकार का नजरिया’

‘मानवाधिकार आयोग के प्रति ठीक नहीं है राज्य सरकार का नजरिया’

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
{मानवाधिकार स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व डीजे हरिश्चंद्र शर्मा ने कहा।

{ मप्र-राजस्थान में दाइयां ही नवजात को अफीम और तंबाकू देकर मार डालती हैं।

भास्करसंवाददाता|मुरैना

मानवअधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय संधि के आधार पर देश में आयोग का गठन किया गया है। इसमें राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग राज्य अधिकार आयोग की व्यवस्था की गई। लेकिन मध्यप्रदेश का मानव अधिकार आयोग तो पिछले 23 साल से बिना अध्यक्ष के ही चल रहा है। इसके अलावा मप्र और राजस्थान में दाइयां ही नवजात को तंबाकू और अफीम देकर मार डालती हैं। यह बात सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरिशचंद्र शर्मा ने कही।

पूर्व डीजे श्री शर्मा शनिवार को शासकीय गर्ल्स कॉलेज में मानव अधिकार स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सेमिनार का विषय भ्रूण हत्या एक अभिशाप रखा गया।

छात्राएंप्रण करें कि वे कन्या भ्रूण हत्या करने वालों का विरोध करेंगीं: पीसीपीएनडीटीएक्ट मॉनीटरिंग सेल की राष्ट्रीय सदस्य आशा सिंह ने कहा कि कन्याओं की हत्या गर्भ में ही कर दी जाती है। जो कन्या जन्म ले लेती है, उसे बाहर मार दिया जाता है। इसलिए छात्राएं यह प्रण करें कि वे जीवन में इसका विरोध करेंगीं और भ्रूण हत्या नहीं होने देंगीं। इसका पर कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं ने समर्थन किया।

मप्र-राजस्थान में दाइयां ही बच्ची को तंबाकू देकर मार देती थीं

पूर्वडीजे श्री शर्मा ने कहा कि कन्या हत्या और भ्रूण हत्या पुराने समय से होती आई है। मध्यप्रदेश राजस्थान में तो दाइयां ही बच्ची को जन्म लेने के बाद तंबाकू और अफीम से मार देती थीं। भ्रूण परीक्षण के लिए मानव ने मशीन बनाई, ताकि गर्भ में किसी विषम परिस्थिति के दौरान डाॅक्टर्स द्वारा बच्चे के बचाव का इंतजाम किया जा सके। लेकिन इस मशीन का गलत उपयोग शुरू हो गया, यह सब अच्छा नहीं है। आज महिलाएं ही इस बात का ज्यादा जिक्र करती हैं कि अमुक महिला के बेटियां हैं, बेटा नहीं है। यह सब भी अच्छी बात नहीं है। क्योंकि बेटा-बेटी एक समान होते हैं।

अपने बेटे की शादी में एक रुपया भी दहेज नहीं लूंगी

}प्रोफेसर मंजू भदौरिया ने शपथ ली कि वे अपने बेटे की शादी में एक रुपया भी दहेज नहीं लेंगीं। क्योंकि दहेज ही कन्या भ्रूण हत्या कन्या हत्या के लिए उत्तरदायी है।

}