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सर! आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लगा रही हैं शोषण के मनगढ़ंत आरोप
मुरैना भिंड जिले के महिला बाल विकास परियोजना अधिकारियों ने शुक्रवार को कमिश्नर शिवानंद दुबे को ज्ञापन सौंपकर कहा।
भास्करसंवाददाता|अंबाह
सर!महिला बाल विकास परियोजना अधिकारियों को कार्य करना कठिन होता जा रहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों केे परिपालन में कलेक्टर द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के तहत हमारे द्वारा केंद्रों का निरीक्षण कर लापरवाह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं के विरुद्ध कार्रवाई कर रहे हैं तो उनके द्वारा शोषण करने के आरोप लगाकर पुलिस में असत्य शिकायत दर्ज कराई जा रही है। यह पीड़ा शुक्रवार की शाम मुरैना भिंड जिले से आए सीडीपीओ (महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी) ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए व्यक्त की।
सीडीपीओ ने कमिश्नर को बताया कि वर्तमान में कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके लेकर भी परियोजना अधिकारियों की कई तरह की झूठी शिकायतें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मुरैना शहरी आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 96 की सहायिका रेखा पचौरी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाईं गईं।
कार्यालय द्वारा उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा पद से पृथक करने की कार्रवाई प्रचलित की गई। लेकिन इसके बाद उन्होंने परियोजना अधिकारी के विरुद्ध शोषण की मनगढ़ंत झूठी शिकायत पुलिस से कर दी। इसी तरह भिंड जिले के मौ अटेर से आए सीडीपीओ द्वारा कमिश्नर को बताया गया कि गांव में नहीं रहने तथा केंद्र का नियमित संचालन नहीं करने के कारण 150 कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को नोटिस जारी कर वेतन काटने की कार्रवाई की गई। लेकिन दोषी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं द्वारा 6 जुलाई को सीडीपीओ पर हमला बोल दिया तथा जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं उनके परिजन द्वारा भी 25 सितंबर को सर्किट हाउस में पुन: सीडीपीओ से अभद्रता की गई। जिसकी लिखित शिकायत पुलिस से की गई। दोषी कार्यकर्ता सहायिकाओं द्वारा कार्रवाई नहीं करने का इतना दबाब बनाया जा रहा है कि कार्य करना दूभर हो रहा है।
कमिश्नर श्री दुबे ने सभी सीडीपीओ को आवश्यक कार्रवाई करने के साथ-साथ एवं भयमुक्त होकर कार्य करने का आश्वासन दिया गया।
यह आए ज्ञापन सौंपने
ज्ञापनसौंपने वालों में मनीश सिंह (मुरैना शहरी), विवेक मिंचुरकर (जौरा), डॉ मनोज गुप्ता