महिलाओं को आजादी हासिल करने लड़ना जरूरी: बनकर
पुरुष प्रधान समाज में महिलाएं अभी भी आजाद नहीं है। देश में महिलाओं को आधार बनाकर वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था को विकसित किया है। महिलाओं को आजाद होने के लिए खुद लड़ाई लड़ना होगा। यह बात रविवार को ताप्ती तट स्थित बौद्ध विहार में राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ की बैठक में संघ की राष्ट्रीय महासचिव ज्योति बनकर ने कही।
बैठक की शुरुआत पूर्व जनपद अध्यक्ष संगीता पिपरदे ने करते हुए अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को अधिकारों के लिए एकजुट होने की समझाइश दी। ज्योति बनकर ने कहा किसी भी व्यवस्था को बदलना व्यक्तिगत रूप से संभव नहीं है। इसे समाप्त करने के लिए संगठित शक्ति का निर्माण करना होगा। राष्ट्रव्यापी संगठन निर्माण करने से ही सब कुछ संभव है। महिला संघ की जिलाध्यक्ष अनिता डोंगरे, महासचिव मंजूला पंडोले, पुष्पा पेंदाम, सुलोचना पेंदाम, वंदना मासोतकर, सरिता, प्रमिला भूमरकर आदि ने भी विचार रखे।
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मुलताई। महिलाओं ने एकजुट होकर अधिकारों की लड़ाई लड़ने लिया संकल्प।