पति-पत्नी ने लिया साथ रहने का संकल्प
दूर रहने से दूरियां बढ़ती जाती है, दूरियों को कम करना चाहिए। पति-प|ी को हर कदम समझदारी से उठाना चाहिए। ऐसा करने से जीवन खुशहाल हो जाता है। यह समझाइश शनिवार को मेगा लोक अदालत में न्यायाधीश पदमेश शाह ने लंबे समय से अपने पति से दूर रह रही कनौजिया निवासी पूजा भूमरकर को दी। समझाइश के बाद पूजा और उसके पति आकाश ने साथ-साथ संकल्प लिया। पूजा अपने पति आकाश के साथ खुशी-खुशी अपने ससुराल जाने को तैयार हो गई। मामला यह है कि सावलमेंढ़ा निवासी आकाश का विवाह 25 अप्रैल 2012 को कनौजिया निवासी पूजा के साथ हुआ था। शादी के बाद आकाश नौकरी करने गुजरात गया। प|ी पूजा को भी गुजरात चलने के लिए कहा। पूजा के माता-पिता ने अपनी पुत्री को गुजरात भेजने से मना कर दिया। इसके बाद से पूजा मायके में रह रही थी। इस स्थिति में आकाश ने एडीजे न्यायालय में हिंदु विवाह अधिनियम के तहत परिवाद दायर किया था। न्यायाधीश श्री पदमेश शाह की समझाइश के बाद पूजा अपने पति के साथ रहने को तैयार हो गई। परसोड़ी निवासी अमरनाथ और उसकी प|ी रेखा का लोक अदालत में आया। विवाह के बाद से ही पति-प|ी में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा।
मुलताई| न्यायाधीशकी समझाइश के बाद पति-प|ी ने लिया हमेशा एक-दूसरे के साथ रहने का संकल्प
8 साल बाद भाई-बहन के बीच हुआ सुलह
जमीनको लेकर भाई और बहन के बीच आठ साल से चल रहा विवाद लोक अदालत में न्यायाधीश पदमेश शाह और न्यायाधीश जयदीप सोनवर्से की समझाइश के बाद कुछ ही देर में निबट गया। रमेश चौहान और बहन उषा के बीच जमीन विवाद का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। प्रकरण की लोक अदालत में सुनवाई हुई। न्यायाधीश की समझाइश के बाद भाई-बहन में सुलह हो गई।
> लोक अदालत में न्यायाधीश ने छोटे-छोटे विवाद के चलते पति-प|ी को दी समझाइश