पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जलाशय का काम शुरू नहीं हुआ, टंकी बना रहे

जलाशय का काम शुरू नहीं हुआ, टंकी बना रहे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मुलताई| हरदोलीजल आवर्धन योजना के तहत पेयजल टंकी का काम प्रगति पर है।

योजना के तहत यह काम प्रगति पर

हरदोलीजल आवर्धन योजना के तहत जलाशय का निर्माण होना है। इसके अलावा दो पेयजल टंकी, खरसाली के पास फिल्टर प्लांट, नई पाइप लाइन डालने का काम होना है। दो पेयजल टंकी, फिल्टर प्लांट और पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। नपा के उपयंत्री सीएल चौरे ने बताया कि 4-4 लाख लीटर क्षमता वाली पेयजल टंकी, फिल्टर प्लांट और नगर में 47 किमी क्षेत्र में पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है।

पैसा मिलेगा तो मुआवजा बंटेगा

हरदोलीजल आवर्धन योजना के 3 करोड़ 99 लाख 85 हजार रुपए पीएचई के पास जमा है। 2012-13 में इस योजना के लिए नपा को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। नपा अब पीएचई से योजना के जमा 3 करोड़ 99 लाख 85 हजार रुपए ब्याज सहित मांग रही है। इस राशि से अधिग्रहित जमीन का मुआवजा दिया जाएगा।

1998 में भी स्वीकृत हुई थी योजना

वर्ष1998 में 5 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से हरदोली योजना स्वीकृत हुई थी। उस समय योजना के क्रियान्वयन के लिए पीएचई को निर्माण एजेंसी बनाया गया था। स्वीकृत 5 करोड़ की राशि पीएचई को दी गई थी। पीएचई ने योजना के तहत 1 करोड़ 57 लाख रुपए से एक पेयजल टंकी और पाइप खरीदे थे। इसके बाद योजना मुहुर्त रूप नहीं ले सकी। शेष राशि लगभग 3 करोड़ 99 लाख 85 हजार रुपए पीएचई के पास जमा है।

इस कारण रुका है जलाशय का निर्माण

जलाशयनिर्माण के लिए हरदोली के 18 किसानों की 21.057 हेक्टेयर, थावरिया के 4 किसानों की 6.710 हेक्टेयर, चैनपुर के 11 किसानों की 13.949 हेक्टेयर और खरसाली के 14 किसानों की 9.853 हेक्टेयर पर जलाशय का निर्माण होना है। भू अर्जन की कार्रवाई अंतिम चरण में हैं। भू-अर्जन के बाद किसानों को जमीन के बदले मुआवजा देना है। मुआवजे की राशि नपा को जमा करना है। नपा के पास मुआवजा देने के लिए राशि नहीं है।

नगर संवाददाता|मुलताई

नगरकी पेयजल समस्या के निदान के लिए स्वीकृत हरदोली जल आवर्धन योजना के तहत जलाशय निर्माण का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। दो साल पहले 2012 में 19 करोड़ रुपए की लागत से योजना स्वीकृत हुई थी। नगर की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए हरदोली जल आवर्धन योजना स्वीकृत हुई थी। इस योजना के तहत जलाशय का निर्माण सहित अन्य कार्य होना था। योजना के लिए निर्माण एजेंसी नगर पालिका को बनाय