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खाली प्लाट दिखाकर मकान की रजिस्ट्री की

7 वर्ष पहले
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जिस जमीन पर मकान बना हुआ था, स्टाम्प शुल्क बचाने के लिए उस जमीन को खाली प्लॉट बताकर खरीदने वाले एक खरीदार का कारनामा सामने आने पर पंजीयन कार्यालय ने उस पर 1 लाख 17 हजार 282 रुपए की पेनाल्टी लगाई है।

जानकारी के अनुसार आमला की एक जमीन की रजिस्ट्री 3 जनवरी 2014 को हुई थी। मुलताई उपपंजीयक कार्यालय में यह रजिस्ट्री हुई थी। गेंदलाल करारे ने कन्हैयालाल नाम के व्यक्ति से यह जमीन खरीदी थी। जिस समय रजिस्ट्री हुई थी उस समय जमीन को खुला भूखंड बताकर इसका बाजार मूल्य 6 लाख 91 हजार 500 रुपए बताकर रजिस्ट्री की गई थी। जबकि इस जमीन पर मकान बना हुआ था। यदि मकान समेत वास्तविक मूल्य बताया जाता तो संपत्ति का मूल्य 18 लाख 99 हजार हो जाता। ऐसे में तीन गुना मूल्य बढ़ जाने से स्टाम्प शुल्क अधिक अदा करना पड़ता। लेकिन जमीन को खाली भूखंड बताकर गेंदलाल ने यह जमीन खरीद ली। समीप के रहवासियों ने इसकी शिकायत पंजीयन कार्यालय में की थी। इसके बाद जिला पंजीयक अशोक मालवीय ने इस मामले की जांच की। जांच में पक्षकारों द्वारा मुद्रांक अधिनियम की धारा 27 के उल्लंघन पर क्रेता पर 25 हजार रुपए एवं कम मुद्रांक शुल्क देने पर 92 हजार 282 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है। इस तरह कुल 1 लाख 17 हजार 282 रुपए की पेनल्टी लगाई गई है।

1 लाख 17 हजार की पेनल्टी लगाई

^मकानवाली जमीन को खाली भूखंड बताकर रजिस्ट्री करने का एक मामला सामने आने पर क्रेता को 1 लाख 17 हजार रुपए जमा करने के आदेश दिए हैं। पक्षकारों को दस्तावेज के स्टांप शुल्क को प्रभावित करने वाले तथ्यों की सही जानकारी देनी चाहिए। शुल्क बचाने के लिए यदि किसी तथ्य को छिपाया जाता है तो स्टांप अधिनियम की धारा 64 के तहत दांडिक कार्रवाई की जाएगी।^ अशोकमालवीय, डिस्ट्रिकरजिस्ट्रार

पहले फायदा देते हैं बाद में करते है स्थल निरीक्षण

महानिरीक्षकपंजीयन विभाग के आदेश के अनुसार रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेज पेश होने पर यथास्थिति पक्षकार को तुरंत दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके बाद स्थल निरीक्षण होता है। पक्षकार इस नियम का फायदा उठाकर कई बार शुल्क बचाने के प्रयास करते हैं।

पंजीयन कार्यालय ने लगाई पेनल्टी