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पारदियों को बसाने का विरोध, ग्रामीणों ने फोरलेन पर रखे पत्थर
पारदियोंके पुनर्वास को लेकर एक बार फिर प्रशासन को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। रविवार को नागपुर-इटारसी फोरलेन के पास सोनाघाटी क्षेत्र में पारदियों के लिए जमीन का नाप करने राजस्व अमले के पहुंचने पर ग्रामीण विरोध पर उतर आए। ग्रामीणों ने फोरलेन पर बड़े-बड़े पत्थर रख दिए और यहां बैठ गए। करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी। इससे वे फोरलेन से तो उठ गए, लेकिन पारदियों को बसाए जाने का विरोध जारी रहा।
मुलताई के चौथिया गांव के पारदी एक्सीलेंस स्कूल ग्राउंड और लाहोरी शेड में अस्थाई रूप से ठहरे हुए। इनका प्रशासन को पुनर्वास करना है। प्रशासन को हर जगह पारदियों को बसाए जाने को लेकर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ज्ञानेश्वर बी पाटिल ने शनिवार को पारदियों से मुलाकात कर उन्हें सोनाघाटी क्षेत्र की सरकारी जमीन पर बसाए जाने की बात कही थी। इस पर रविवार को राजस्व अमला आर आई, पटवारी के साथ कढ़ाई पंचायत के सोनाघाटी क्षेत्र में पारदियों को बसाने के लिए जमीन नपाई करने पहुंचा था।
सोनाघाटी क्षेत्र के ग्रामीण इटारसी की तरफ जाने वाले मार्ग पर पत्थर रखकर बैठ गए थे और फिर नागपुर की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी जाम लगा दिया। इससे फोरलेन से होकर जाने वाले वाहनों के पहिए थम गए। इस दौरान बैतूल एसडीएम आदित्य रिछारिया, एसडीओपी वीके जैन, टीआई पंकज त्यागी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देकर फोरलेन से हटया। पारदियों को यहां नहीं बसने देंगे।
इस दौरान ग्रामीणों और एसडीएम के बीच तीखी बहस भी हुई।
साहब, हमको अपने हाथों से जहरदे दो
बैतूलएसडीएम आदित्य रिछारिया के ग्रामीण महिलाओं को समझाइश देने के दौरान महिलाएं एसडीएम से बहस पर उतारू हो गईं थीं। महिलाओं ने पारदियों को बसाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें दूसरी जगह कहीं भी बसा दो, लेकिन सोनाघाटी में नहीं बसाओ। इस पर एसडीएम ने कि हाईकोर्ट का फैसला है, पारदियों का पुनर्वास किया जाना है। महिलाओं ने कहा कि पारदी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, उन्हें यहां बसाया जाएगा तो वे यहां भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देंगे। एसडीएम के समझाने पर महिलाओं ने कहा कि साहब, हमको अपने हाथों से जहर दे दो, अग