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जिले में 5 जगह संचालित हो रहे केंद्र

6 वर्ष पहले
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परिवारोंको बिखरने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले परिवार परामर्श केंद्रों पर संकट के बादल छाने लगे हैं। केंद्र सरकार ने परामर्श केंद्रों को अप्रैल माह से बंद करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले के सामने आने से परामर्श केंद्रों के काउंसलर तो विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही बैतूल में चलने वाले परामर्श केंद्रों को लेकर चर्चा होने लगी है। हालांकि केंद्र सरकार से इस संबंध में विभागों को कोई आदेश नहीं आए हैं। काउंसलरों के मुताबिक पुलिस विभाग के सहयोग से परामर्श केंद्र निशुल्क संचालित होते हैं। इनमें बिखरे परिवारों को जोड़ने का कार्य होता है। इसे बंद करने का कोई औचित्य नहीं है।

बैतूल जिले में पुलिस विभाग के सहयोग से बैतूल के एसपी ऑफिस परिसर, मुलताई, आमला, सारनी और शाहपुर थाना क्षेत्र में परिवार परामर्श केंद्र संचालित हो रहे हैं। बैतूल में 1998 से केंद्र संचालित हो रहे हैं। घरेलू मामले को लेकर बिखरे परिवारों को परामर्श से जोड़ने में कामयाबी मिलने पर जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में केंद्र खोले गए।

हरमाह एक सैकड़ा से ज्यादा केस

जिलेभरसे परिवार परामर्श केंद्रों में हर माह महिला, बच्चे से जुड़े करीब एक सैकड़ा से अधिक केस आते हैं। महिला से जुड़ा कोई केस आने पर परिवार परामर्श केंद्रों पर दोनों पक्षों को बुलाया जाता है। इसके बाद परिवार परामर्श केंद्रों के सदस्य काउंसिलिंग करते हैं।

योजना से जुड़े परामर्श केंद्रों को लेकर फैसला

^परिवारपरामर्श केंद्र रजिस्टर्ड संस्था है। यह पुलिस के सहयोग से संचालित होती है। स्वाधान योजना के तहत थानों में खुले परामर्श केंद्रों को बंद करने के संबंध में निर्णय लिया गया है। इन केंद्रों के संबंध में कोई निर्देश नहीं आए हैं। -राकेश जैन, एसपी बैतूल

^बैतूल में परिवार परामर्श केंद्र 1998 से संचालित हो रहा है। परामर्श केंद्र में सेवा देने वाले सभी सदस्य स्वैच्छिक रूप से निशुल्क सेवा देते हैं। किसी प्रकार का कोई मानदेय नहीं लिया जाता है,जबकि प्रावधान है। इससे बिखरे परिवार जुड़ते हैं। यह बंद नहीं हो सकते। -मीरा एंथोनी, महिला काउंसलर, बैतूल

^परामर्शकेंद्र के बंद किए जाने के निर्णय के संबंध में पढ़ा है, लेकिन कोई निर्देश नहीं आए हैं। परिवार परामर्श केंद्र लोगों की सुविधाओं के लिए पुलिस के सहयोग से संचालित किए जाते हैं। केंद्र सरकार की मदद से संचालित होने वाले केंद्रों को लेकर कोई निर्णय हुआ हो। -केके पांडे, रिटायर पुलिस अधिकारी