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सड़कों पर निर्माण सामग्री रखी, तो होगा जुर्माना

6 वर्ष पहले
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कचरा प्रबंधन पर खर्च अधिक, प्रस्ताव खारिज

कचरेसे खाद बनाने के लिए इंदौर की कंपनी को ठेका दिया जाना था। इस पर प्रतिमाह 2.34 लाख का खर्च नपा को वहन करना था। सभापति दिलीप सतीजा ने कहा कि मुलताई में 77 हजार रुपए प्रतिमाह में पूर्व में इसी तरह के ठेके दिए गए हैं। पूरा कचरा नपा अमला ही जमा करेगा। कंपनी को यह दाम चुकाना ठीक नहीं। इसके बाद दोबारा टेंडर किए जाने और कम दाम पर ठेका देने निर्णय हुआ।

बिलोरेट में ठेका लेने वालों की मॉनीटरिंग हो

सभापतिकैलाश धोटे और दिलीप सतीजा ने बिलो रेट पर हो रहे काम की मॉनीटरिंग की जरूरत को उठाया। उन्होंने कहा कि नपा के बहुत से ठेके बिलों रेट पर दिए जाते हैं। ठेकेदार कम रेट पर काम करना स्वीकार करता है तो उनके काम की गुणवत्ता की जांच जरूरी है। कोई भी ठेका लेता है। रेट कम करके लेता है तो काम की क्वालिटी गिरेगी या नहीं। क्वालिटी की मॉनीटरिंग होना चाहिए।

ये प्रस्ताव पास हुए

{राजेंद्रवार्ड में माचना पर घाट बनेगा।

{पुराने कबाड़ की लिस्ट बनेगी। प्रत्येक शाखा से कबाड़ सामग्री की सूची लेकर नीलामी की जाएगी।

{बस स्टैंड के पीछे खाली जमीन पर रैनबसेरा निर्माण।

{शहर की गलियों में पड़ी निर्माण सामग्री पर कार्रवाई की जाएगी।

{सामुदायिक भवन पर छत डलेगी।

{हाथी नाले की रिटर्निंग वॉल बनाकर इस हिस्से में गंदे पानी की निकासी अंडरग्राउंड की जाएगी।

{स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए खंभे लगाने पर विचार एवं निर्णय।

{ड्रेनेज सिस्टम सीवर लाइन की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाए जाने के विषय में निर्णय लिया गया।

सिटी रिपोर्टर|बैतूल

नईपरिषद के गठन के बाद गुरुवार को पहली बार पीआईसी की बैठक हुई। इस बैठक में रास्तों पर निर्माण सामग्री रखकर रास्ता बंद करने वाले लोगों पर प्रति मीटर के हिसाब से जुर्माना करने और सामग्री जब्त करने का निर्णय लिया गया। कचरे से खाद बनाने की योजना का खर्च अधिक होने के कारण दोबारा टेंडर निकालने का निर्णय लिया।

गुरुवार को पीआईसी की बैठक का आयोजन किया गया। नपाध्यक्ष अलकेश आर्य समेत 7 समितियों के सभापति की मौजूदगी में बैठक हुई। इस बैठक में 61 प्रस्ताव रखे गए। विचार-विमर्श के बाद 60 प्रस्तावों को पास कर दिया। वार्डों में तंग गलियों में निर्माण सामग्री रखकर लोगों के लिए परेशानी पैदा वाले लोगों पर पीआईसी ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया। शिकायत मिलने पर पहले 24 घंटे की वार्निंग देने, फिर 5 रुपए प्रति मीटर के हिसाब से जुर्माना करके सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 25 कचरा रिक्शा खरीदने, ड्रेनेज सिस्टम सुधारने, माचना पर घाट बनाने, वार्डों में सूचना बोर्ड लगाने, नए बिजली खंभे लगाने, जैसे निर्णय भी लिए गए।

तीनमहीने 22 दिन बाद हुई पीआईसी की बैठक

नगरपालिकाएक्ट के नियमानुसार नपा की पीआईसी की बैठक हर दो महीने में एक बार होनी चाहिए। लेकिन चुनाव और नई परिषद के गठन में काफी समय बीत जाने के कारण इसके बाद यह बैठक तीन महीने 22 दिन बाद हुई। इसके पहले 21 अक्टूबर 2014 को पीआईसी की बैठक हुई थी। इसके बाद अब 12 फरवरी 2015 को बैठक हुई है।

निर्णय