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मांजरी गांव की तरह तुमड़ीढाना में भी तैयार हो गई सफेद गैंग

7 वर्ष पहले
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मांजरी की सफेद गैंग से प्रेरणा ली

मांजरीकी सफेद गैंग से प्रेरणा लेकर आदिवासी बाहुल्य तुमड़ीढाना की महिलाओं ने भी गांव में सफेद गैंग बनाई है। तुमड़ीढाना के सफेद गैंग की अध्यक्ष प्रमिला कुमरे,सदस्य कलावती पंद्राम, पुष्पा पंद्राम, बबीता सरियाम आदि ने बताया कि गांव में जगह-जगह शराब बेची जाती है। शराबियों की वजह से आए दिन गांव में विवाद होते हैं। शराबी अपनी प|ियों के साथ मारपीट करते हैं। मांजरी की सफेद गैंग ने आकर महिलाओं को एकजुट होकर शराबियों को सबक सिखाने की समझाइश दी। इसके बाद गांव की तीस महिलाओं ने सफेद गैंग तैयार कर ली। अब गैंग की सभी महिलाएं सुबह-शाम गांव में शराब बेचने और पीने वालों को पकड़कर सबक सिखाने लगी है।

मुलताई| मांजरीकी सफेद गैंग से प्रेरणा लेकर तुमड़ीढाना में शराब बंद करने के लिए महिलाओं ने बनाई सफेद गैंग।

नगर संवाददाता|मुलताई

प्रभातपट्टन के मांजरी गांव में शराबियों को सबक सिखाने वाली सफेद गैंग अब दूसरे आदिवासी बाहुल्य गांवों को भी नशा मुक्त करने के लिए जागरूक कर रही है। सफेद गैंग की महिला सदस्य गांव-गांव में पहुंचकर बैठक ले रही है। शराब से होने वाले दुष्परिणामों से ग्रामीणों को अवगत कराने के साथ गांव की महिलाओं को एकजुट होकर शराबियों से डट कर मुकाबला करने की समझाइश दे रही है। मांजरी की महिलाओं ने गांव में शराब बेचने और शराब पीने वालों से तंग आकर डेढ़ साल पहले सफेद गैंग बनाई थी। सफेद गैंग रोजाना शाम को गांव में शराब बेचने और शराब पीने वालों को सबक सिखाने के लिए निकलती है। सफेद गैंग की एकता को देखकर गांव में खुलेआम बिकने वाली शराब अब बंद हो चुकी है। शराबियों की संख्या भी कम हो चुकी है। सफेद गैंग की अध्यक्ष वच्छला बाई मरकाम, कौशू बाई, मनौती बाई उइके ने बताया कि तीन सौ घरों की बस्ती में डेढ़ साल पहले दर्जन घरों में खुलेआम शराब बिकती थी।