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71 िदनों से बैतूल में धरना दे रहे रिटायर शिक्षक

7 वर्ष पहले
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मरते दम तक जारी रहेगा धरना: घोरसे

कलेक्टोरेटके नजदीक धरने पर बैठे रिटायर शिक्षक का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के पास अपनी समस्या को लेकर बार-बार पहुंचे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए मजबूरन उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। उनका कहना है कि उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे मरते दम तक धरने पर डटे रहेंगे।

41 साल की नौकरी में एक भी पदोन्नति नहीं

धरनेपर बैठे रिटायर शिक्षक श्री घोरसे ने बताया कि उन्होंने 41 सालों तक स्कूल में अपनी सेवा दी, लेकिन उन्हें तो क्रमोन्नति दी गई और ही पदोन्नति। इसके करीब 20 भुगतान अब तक नहीं मिल सका है। कई बार विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी।

एसडीएम ने पूछी समस्या

गुरुवारको साढ़े 11 बजे बैतूल एसडीएम आदित्य रिछारिया रिटायर शिक्षक से मिलने धरना स्थल पर पहुंचे। उनकी समस्या पूछी और विभिन्न जगह की गई शिकायतों के दस्तावेज भी देखे। उन्होंने कहा, कि वे इतनी ठंडी में लंबे समय से धरने पर बैठे हुए हैं। कलेक्टर से चर्चा करेंगे तो उनकी समस्या का कोई कोई हल निकलेगा और निराकरण होगा।

इस पर शिक्षक ने अपने पूरे दस्तावेज लाकर कलेक्टर से मिलने की बात रखी।

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नगर संवाददाता|बैतूल

मुलताईके रिटायर शिक्षक बीआर घोरसे कलेक्टोरेट के नजदीक अपनी समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे हैं। गुरुवार को रिटायर शिक्षक के धरने को 71वां दिन पूरा हो गया। कलेक्टोरेट के पास हुए अब तक के धरने में शिक्षक का यह धरना सबसे लंबा है। इससे पहले मछुआ समिति के सदस्यों ने 60 दिन और शिक्षक संघ के सदस्य 31 दिन तक अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे।