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14 पंचायतों ने राशि निकाली गांवों में नहीं किए काम
जनपदपंचायत के सीईओ मनीष शेंडे का कहना है कि एसडीएम के निर्देश पर स्व कराधान योजना के तहत आवंटित हुई राशि से ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों की जांच की जा रही है। विकास कार्य हुए है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। तीन दिन में जांच प्रतिवेदन एसडीएम को दिया जाएगा।
ये है योजना
स्वकराधान योजना वर्ष 2013 में शुरू हुई थी। इस योजना के तहत जल कर की राशि 50 प्रतिशत से अधिक वसूल करने वाली ग्राम पंचायतें को जनसंख्या के आधार पर राशि आवंटित की गई थी। इस योजना के तहत आवंटित हुई राशि ग्राम पंचायत को विकास कार्य में खर्च करना था।
नगर संवाददाता|मुलताई
जनपदपंचायत अध्यक्ष संगीता पिपरदे ने ब्लॉक के 14 ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों पर स्व कराधान योजना के तहत प्राप्त राशि का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। श्रीमती पिपरदे ने इस संबंध में एसडीएम पंकज जैन से शिकायत करते हुए जांच की मांग की है। श्रीमती पिपरदे का कहना है कि योजना के तहत मिली राशि के तहत गांव में निर्माण कार्य नहीं हुए है और लाखों रुपए का आहरण हो चुका है। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पिपरदे ने बताया कि 2013 में स्व कराधान योजना के तहत ब्लॉक की ग्राम पंचायत खैरवानी, बरई मोही को 15-15 लाख रुपए, ग्राम पंचायत जौलखेड़ा को 25 लाख, ग्राम पंचायत माथनी, सेमझिरा, बानूर, बघोली बुजुर्ग को 6-6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत निरगुड़, परमंडल, टेमझिरा ब, साबड़ी, मोहरखेड़ा को 3-3 लाख रुपए आवंटित हुए थे। उक्त राशि से गांव में सीमेंट सड़क, नाली निर्माण, पाइप लाइन विस्तार सहित अन्य विकास कार्य किया जाना था। सरपंच और सचिवों ने निर्माण कार्य किए बगैर ही राशि का आहरण कर लिया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने राशि का दुरुपयोग होने की शिकायत भी की है। श्रीमती पिपरदे का कहना है कि इस पूरे मामले में जनपद पंचायत के तात्कालीन सीईओ भी शामिल है। श्रीमती पिपरदे की शिकायत पर एसडीएम पंकज जैन ने जनपद पंचायत के सीईओ मनीष सेंड़े को प्राथमिकता से जांच कर सात दिनों में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।