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मुलताई में 34 में से 3 ही मिले वैध, अब पूरे जिले में होगी जांच

7 वर्ष पहले
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निश्चित समयसीमा के लिए किए जाते हैं रजिस्ट्रेशन

प्राइवेटप्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों और संचालित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संस्थाओं को निश्चित समयावधि के लिए सीएमएचओ दफ्तर से पंजीकृत किया जाता है। सामान्य: एक से दो साल के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इस समय के बीतने के बाद दोबारा सीएमएचओ दफ्तर में जाकर चालान जमा कर रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाती है। लेकिन लापरवाही के कारण नवीनीकरण नहीं करवाए जाते हैं। प्राइवेट प्रैक्टिस और संचालित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संस्थाओं के लिए नवीनीकरण की समयसीमा अलग-अलग होती है। जिले में कुल 246 रजिस्टर्ड नर्सिंग होम और प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर्स हैं। इनमें से 86 ने अपने रजिस्ट्रेशनों का नवीनीकरण नहीं करवाया है। संभवत: स्वास्थ्य विभाग इन सभी डॉक्टरों कि लिस्ट तैयार कर कार्रवाई कर सकता है। हालांकि इस मामले में भी विभाग ने स्थिति साफ नहीं की है।

पूरे जिले में चलेगी मुहिम

^34की जांच की गई जिनमें 3 के रजिस्ट्रेशन ही वैध मिले। उन्हें नोटिस दिए गए हैं। अब पूरे जिले में झोलाछाप डॉक्टर्स की जांच के लिए मुहिम चलाने की तैयारी की जा रही है। आदेश मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।^ श्रुतिगौर तोमर, मीडियाऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग

समिति बनी पर रही निष्क्रिय

2009में ब्लॉक स्तर पर झोलाछाप डॉक्टरों की जांच के लिए समितियां बनी थी। लेकिन इनकी सक्रियता अब तक नहीं दिखाई दी थी। अब इन समितियों के सक्रिय होने के आसार बन गए हैं।

यह है रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

एकडॉक्टर के दो तरह के रजिस्ट्रेशन होते हैं। एक स्वयं की डिग्री का रजिस्ट्रेशन। यह डिग्री हासिल करने के बाद होता है। दूसरा जिस जिले में उसे प्रैक्टिस करना है उसके क्षेत्राधिकार वाले सीएमएचओ कार्यालय से रजिस्ट्रेशन। यह रजिस्ट्रेशन सीएमएचओ देते हैं। नर्सिंग होम खोलने संबंधी परमिशन कलेक्टर से मिलती है।

यह कहता है नर्सिंग होम एक्ट

नर्सिंग होम एक्ट 1973 की धारा 3 के अनुसार निजी क्षेत्र के सभी उपचारर्यागृह, नर्सिंग होम, निजी चिकित्सालय, परामर्श केंद्र, औषधालय, प्रयोगशाला, एक्स-रे, डेंटल क्लीनिक सहित फर्जी चिकित्सक की जांच करने के लिए विकासखंड स्तर पर निरीक्षण दल का गठन किया जाएगा। सभी ब्लॉकों में तहसीलदार, नायाब तहसीलदार, थाना प्रभारी या उप पुलिस निरीक्षक, बीएमओ गैर मान्यता प्राप्