बीमार बेटे को किडनी देकर मां देगी वेलेंटाइन-डे का गिफ्ट
स्थानीय सिविल कोर्ट में लिपिक के पद पर पदस्थ मोहनलाल हनोते (32) की दोनों किडनी खराब हो गई है। मोहनलाल के स्वस्थ होने के लिए एकमात्र विकल्प किडनी प्रत्यारोपण है। मां रेणुका को जब मोहनलाल की बीमारी का पता चला तो अपने बेटे की सलामती के लिए किडनी देने का निर्णय ले लिया। रेणुका बेटे को वेलेंटाइन-डे पर किडनी का उपहार देगी। वेलेंटाइन-डे के 3 दिन बाद मोहनलाल का 18 फरवरी को भोपाल के चिरायु अस्पताल में ऑपरेशन होगा। वर्तमान में मोहनलाल चिरायु अस्पताल में डायलिसिस पर है। मां रेणुका की अपने आंखों के तारे के साथ अस्पताल में ही है।
हम भी मिलकर कर सकते हैं सहयोग
सिविल कोर्ट के कर्मचारियों ने मोहनलाल के ऑपरेशन के लिए सभी से सहयोग की अपील की है। कर्मचारियों ने कहा वह अपने स्तर पर सहायता राशि जुटा रहे हैं। आम लोग भी अपने स्वेच्छानुसार कोर्ट में आकर राशि जमा कर सकते हैं। जिससे मोहनलाल का ऑपरेशन हो सके।
अब आर्थिक सहायता की जरूरत
चिरायु अस्पताल में भर्ती मोहनलाल हनोते ने भास्कर से फोन पर चर्चा की। चर्चा के दौरान मोहनलाल ने बताया मां किडनी दे रही है लेकिन ऑपरेशन और दवा के लिए डॉक्टरों ने 6 लाख रुपए का खर्च बताया है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। जैसे-तैसे चार लाख रुपए का इंतजाम हो गया है। अब दो लाख रुपए की जरूरत है। ऑपरेशन के लिए आने वाले खर्च को लेकर मां रेणुका भी परेशान है। मोहनलाल की आर्थिक स्थिति और ऑपरेशन में लगने वाले खर्च को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं ने सहायता राशि जमा करना शुरू कर दिया है।
बेटे के उदास चेहरे से जाना दर्द
ढाई साल पहले मोहनलाल को किडनी खराब होने का पता चला था। इसके बाद से वह परिवार के सदस्यों को बताए बिना नागपुर के डॉक्टरों से अपना इलाज करा रहा था। दो साल से मोहनलाल डायलिसिस पर है। मोहनलाल के चेहरे पर उदासी देखकर मां रेणुका को समझने में देर नहीं लगी। रेणुका ने अपने बेटे से दुखी रहने का कारण पूछा। मोहनलाल ने हिम्मत जुटाते हुए बताया उसकी दोनों किडनी खराब हो गई। इसके बाद रेणुका ने बेटे को उदास नहीं रहने की समझाइश देते हुए किडनी देने की बात कही।
माेहनलाल हनोते
मां रेणुका बाई