725 किमी पदयात्रा, ताप्ती दर्शन यात्रा का समापन
मुलताई | मां ताप्ती का महत्व जन-जन तक पहुंचाने और जल को प्रदूषण से बचाने के लिए 15 जनवरी को ताप्ती दर्शन पद यात्रा शुरू हुई थी। नदी के किनारे स्थित गांवों में पहुंचकर लोगों को मां ताप्ती का पौराणिक महत्व बताया। मंगलवार को गुजराज राज्य के कुकुर मुंडा में यात्रा का समापन हुआ। समापन अवसर पर ताप्ती दर्शन यात्रा समिति के जितेंद्र कपूर, महेंद्र दीक्षित, लक्ष्मीचंद अग्रवाल आदि ने कहा हर साल मां ताप्ती दर्शन पद यात्रा का स्वरूप बढ़ रहा है। 25 दिनों की पदयात्रा में 70 पदयात्री जिले सहित महाराष्ट्र से भी शामिल हुए। यात्रा 725 किमी चली।