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एसडीएम ने डहुआ जलाशय का रिसाव देखा, किसानों की समस्या सुनी
डहुआ जलाशय से पिछले डेढ़ महीने से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। शनिवार को एसडीएम पंकज जैन ने जलाशय पहुंचकर निरीक्षण किया। किसानों ने पानी के रिसाव से हो रहे नुकसान के संबंध में जानकारी दी। श्री जैन ने किसानों को जलाशय की मरम्मत कराने का भरोसा दिलाया। डहुआ जलाशय की विंगवाल के पास से लगातार पानी निकल रहा है। एसडीएम श्री जैन और तहसीलदार अशोक डेहरिया शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंचे। एसडीएम के जलाशय पर पहुंचने की सूचना मिलते ही किसान भी अपनी समस्या लेकर पहुंच गए। किसान मनोज बारंगे ने बताया कि जलाशय से निकलने वाले पानी से खेतों में फसल खराब हो गई है। रिसाव से नहर किनारे स्थित खेत में बने कुएं ढह गए है। श्री जैन ने बताया कि जलाशय की मरम्मत की स्वीकृति मिल गई है। जलाशय का पानी कम होने के बाद मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। श्री जैन ने जलाशय से निकलने वाला पानी खेतों में नहीं जाए इसके लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री एके देहरिया को निर्देश दिए।
नियम में होगा तो मिलेगा मुआवजा
किसानोंने जलाशय के रिसाव से कुएं और ट्यूबवेल को हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की। इस पर श्री जैन ने कहा कि नियम में मुआवजे का प्रावधान होगा तो दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को परेशान होने और ज्ञापन देने की जरूरत नहीं है।
जलाशय बना, लाभ नहीं मिल रहा
नाबार्डयोजना के तहत डहुआ में 2 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से दिसंबर 2012 में जलाशय का निर्माण हुआ है। निर्माण के छह महीने बाद 18 जून 2013 को रिमझिम बारिश में जलाशय के एक ओर की विंगवाल धंस गई थी। 30 सितंबर 13 को जलाशय की पिचिंग में से पानी बहने लगा जिससे जनवरी 14 में जलाशय पूरी तरह से सूख गया था। इसके बाद विभागीय स्तर पर इसकी मरम्मत का काम किया गया। 25 जुलाई 14 को पानी संग्रहित होने के बाद दोबारा पिचिंग में से पानी बहने लगा। जलाशय की संग्रहण क्षमता 1.038 मिलियन क्यूबिक मीटर है। वर्तमान में जलाशय में 50 प्रतिशत ही पानी बचा हुआ है। अभी भी पिचिंग से पानी निकलना शुरू है।