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गेट मीटिंग में मोर्चा आज कांग्रेस के भ्रामक प्रचार का जवाब देगा

7 वर्ष पहले
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कांग्रेसश्रमिकों को भ्रमित कर राजनीतिक हित साध रही है। मकसद श्रमिकों को भड़काकर, गलत जानकारी देकर औद्योगिक अशांति भड़काना है, ताकि एक साल से लंबित समझौता आगे भी लटका रहे और इनकी राजनीति चलती रहे। यह बात भास्कर से चर्चा में रविवार शाम संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा प्रवक्ता जोधसिंह राठौड़ ने कही। उन्होंने बताया समझौते को लेकर प्रमुख मांगों पर प्रबंधन के साथ सकारात्मक चर्चा चल रही है। चर्चा के निष्कर्ष श्रमिकों के साथ सोमवार शाम 5 बजे गेट मीटिंग में साझा कर उनसे आगे की कार्रवाई का मार्गदर्शन मांगा जाएगा। मीटिंग में ही कांग्रेस के भ्रामक प्रचार की पोल भी खोली जाएगी। राठौड़ बोले- अब तक प्रबंधन के साथ जो भी चर्चा हुई है। उसमें पूरी पारदर्शिता रखी गई है। जैसा प्रबंधन ने कहा- ज्यों का त्यों श्रमिकों को बताया है। श्रमिकों का अपमान कौन कर रहा है। यह तो चुनाव में काम करने वालों की जीत होने के रूप में सामने गया है। शाम 5 बजे पॉवर हाउस गेट पर आयोजित मीटिंग को इंटक के विजयसिंह रघुवंशी, एचएमएस के जगमालसिंह राठौड़, सीटू के लल्लन प्रसाद, एटक के शारदाप्रसाद सोनी भी संबोधित करेंगे। इस दौरान श्रमिक नेता कृष्णासिंह तंवर, जागेश्वर शर्मा, अशोक गुर्जर, मनोहर गुर्जर, हृदयदेशकुमार, सुजानसिंह ठाकुर आदि संबोधित करेंगे।

आजगेट मीटिंग के मायने-श्रमायुक्त द्वाराविधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार समझौता संपन्न होने की राह पर है। श्रमिकों को अधिकतम 6000 से 6500 रुपए की मासिक वेतनवृद्धि के साथ एक्सग्रेशिया राशि के सीज होने के नुकसान की भरपाई संभवत 500 रुपए प्रतिवर्ष बढ़ोतरी करने पर भी प्रबंधन सहमत है। अनुकंपा नियुक्ति, बदली श्रमिकों को स्थाई करने, नई नियुक्ति में कुशल ठेका श्रमिकों को प्राथमिकता देने के साथ ही अन्य मांगों पर भी त्रिपक्षीय वार्ता में रास्ता निकल आया है। हालांकि यह जरूर है कि मोर्चा की ओर से समझौता वार्ता शुरू होने के पूर्व 27 से 28 हजार रुपए की वेतनवृद्धि चाही गई थी। बाद में यह 20 हजार, 17 हजार के बाद 15 हजार रुपए पर टिकी। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के कारण प्रबंधन इतनी वेतनवृद्धि पर तैयार नहीं हुआ। श्रमायुक्त कार्यालय के अनुसार मोर्चा ने 7 हजार रुपए का अंतिम प्रस्ताव दिया है। प्रबंधन 5400 रुपए पर राजी भी हो गया। मगर बताया जा रहा है कि बाद में हुई चर्चा में प्रबंधन 6 हजार के पार निकल गया है।