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एसडीएम को शिकायत की तो विधवा की फसल उखाड़ी

7 वर्ष पहले
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एसडीएमकोर्ट द्वारा ग्राम नावटिया के अपात्र पट्टेधारियों के नाम राजस्व रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन 13 साल बाद भी मातहतों द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया। इस वजह से अपात्र ही शासकीय भूमियों पर कब्जा जमाए हुए हैं और उनके राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। दोबारा एसडीएम कोर्ट में शिकायत करने पर हाल ही में तहसीलदार ने पटवारी से जांच कर प्रतिवेदन मांगा। विधवा शिकायतकर्ता की फसल को अपात्र पट्टेधारी लोगों ने उखाड़ दी। थाने में शिकायती आवेदन भी दिया गया, लेकिन अब तक मामले में कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया।

शिकायतके बाद विभाग जागा

नावटियानिवासी सम्मदबाई पति स्व. बद्रीलाल का सर्वे क्रमांक 1057/4 की भूमि पर कब्जा है और वह उक्त भूमि पर खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण करती है। लेकिन उक्त भूमि पर अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज है। कारण 2001 में हुए आदेश का पालन नहीं होना। उक्त मामले में सम्मदबाई ने 4 अक्टूबर 2014 को पुन: एसडीएम को शिकायत कर उक्त आदेश का पालन कराने की मांग की, ताकि वाद-विवाद की स्थिति बने। इस पर तहसीलदार ने उक्त मामले की जांच कर 1057/4 की भूमि का प्रतिवेदन मांगा है।

आर्थिकनुकसान

सम्मदबाईके मुताबिक उन्होंने 1057/4 पर मटरफली की बोवनी की थी। फसल लहलहाने लगी थी और उत्पादन मिलने वाला था। एसडीएम को हुई शिकायत के बाद विचलित ग्राम के सागर, हिंदू, मोहन गोरधन नामक लोगों ने फसल को उखाड़ दिया। इससे उन्हें आर्थिक हानि हुई है। इसकी शिकायत उन्होंने खाचरौद पुलिस थाने में भी की है।

^मामला आपने जानकारी में दिया है। जांच करने के बाद ही इसमें कुछ कहा जा सकता है। राजीवरंजन मीणा, एसडीएम,नागदा-खाचरौद

^जमीनीविवाद होने से शिकायती आवेदन पर प्रकरण दर्ज कर मामले को कोर्ट भेजा गया है। गोपालसिंहचौहान, थानाप्रभारी, खाचरौद

यह है मामला

ग्राम नावटिया में 17 लोगों को शासकीय भूमि के पट्टों का वितरण किया गया था। इसके खिलाफ एसडीएम कोर्ट में नगजी पिता देवा रामचंद्र पिता लक्ष्मण ने वर्ष 2000 में अपील की थी कि ग्राम नावटिया में शासकीय भूमि का आवंटन अपात्र व्यक्तियों को कर दिया गया। इस पर कोर्ट ने 28 नवंबर 2001 को आदेश पारित किया था। इसमें कोर्ट ने बताया था कि ग्राम सभा ने भूमिहीनों की सूची अनुमोदित नहीं की, शपथ पत्र पर कथन नहीं लिए गए, मूल निवास के ग्राम के पटवारी से भूमि बाबत जानक