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ग्रेसिम ने दिया श्रमिकों के वेतन में तीन हजार रुपए की वृद्धि करने का प्रस्ताव
पांचसाला समझौते को लेकर ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के बीच गुरुवार को उज्जैन में सहायक श्रमायुक्त के समक्ष हुई बैठक में प्रबंधन ने श्रमिकों के वेतन में प्रतिमाह 3 हजार रुपए की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव दिया है। प्रबंधन ने मोर्चा में शामिल पांचों श्रम संगठनों के पदाधिकारियों को यह भी भरोसा दिलाया कि अगर श्रमिक उच्च क्वालिटी का उत्पादन देने में सहयोग करेंगे तो उन्हें पूर्व प्रस्ताव के अनुरूप 600 रुपए प्रतिमाह प्रोडक्शन बोनस के अतिरिक्त भी दिए जाएंगे। हालांकि प्रबंधन के प्रस्ताव को मोर्चा ने खारिज करते हुए मांग की है कि श्रमिकों के वेतन में 2009 में हुई 4 हजार रुपए की वेतनवृद्धि से अधिक का प्रस्ताव प्रबंधन दे, तब ही इस मुद्दे पर आगे चर्चा संभव है। बैठक में प्रबंधन ने ऑटोमाइजेशन के नाम 396 पद समाप्त करने का मुद्दा भी उठाया। प्रबंधन का कहना था कि मोर्चा अगर 396 श्रमिकों को कम करने पर राजी नहीं है तो कितने श्रमिकों की संख्या कम की जा सकती है। इसकी जानकारी दे। मोर्चा ने इस प्रस्ताव को नकारते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में श्रमिकों की संख्या कम करने पर वे राजी नहीं है। दोपहर 1 बजे से शुरू हुई बैठक 3 घंटे से अधिक समय तक चली। इस दौरान समझौते में शामिल अन्य मांगों पर भी चर्चा की गई। इस पर प्रबंधन ने सकारात्मक रूख दिखाया है। लंबित मांगों पर चर्चा के लिए सहायक श्रमायुक्त ने 22 सितंबर को अगली बैठक बुलाई है। बैठक के दौरान प्रबंधन की ओर से वी.के. शर्मा, अनुराग गुप्ता, रवि चौधरी, अजय जैन, मनोज यादव उपस्थित रहे। श्रम संगठनों की ओर से विजयसिंह रघुवंशी, जोधसिंह राठौड़, लल्लन प्रसाद, शारदाप्रसाद सोनी, विजय दास, दुर्गाप्रसाद, जागेश्वर शर्मा, सुजानसिंह ठाकुर, अशोक गुर्जर, मनोहर गुर्जर, सुजानसिंह ठाकुर, हृदयकुमार, कृष्णासिंह आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।