पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • जांच में दोषी सरपंच, कार्रवाई का इंतजार

जांच में दोषी सरपंच, कार्रवाई का इंतजार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इधर भी जांच के इंतजार में शिकायतकर्ता

ग्रामपंचायत अमलावदिया में मृत मजदूर द्वारा मनरेगा योजना में कार्य करने के मामले में जनपद पंचायत ने एसडीएम कार्यालय को जांच रिपोर्ट भेजी है। यह जांच रिपोर्ट सरपंच द्वारा दिए उत्तर पर तैयार हुई है। इसमें सरपंच दोषी मिला है और उसके द्वारा दिया गया जवाब भी तथ्यहीन बताया गया है। जांच रिपोर्ट एसडीएम कार्यालय पहुंच गई। शिकायतकर्ता अब कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। जपं के जांचकर्ता अधिकारी आर.एन. पाल ने भी मप्र पंचायतराज ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत कार्रवाई करने की बात जांच रिपोर्ट में कही है।

यहतथ्य निकला आधारहीन-जांच मेंबताया गया कि राजेश पिता बद्रीलाल की मौत 13 जुलाई 2009 को हो गई थी। बावजूद मनरेगा में मृतक के नाम से कार्य करवाकर राशि निकाली गई। सरपंच भंवरबाई पति राजू ने जवाब में बताया था कि चैनसिंह की शक्ल मृतक से मिलती है, यह कथन भी आधारहीन है। कारण चैनसिंह को कार्य पर रखते समय मृतक के नाम का उपयोग करना सरपंच द्वारा अनुचित लाभ अर्जित करने के लिए किया गया है।

^जांच प्रतिवेदन कार्यालय पहुंचा है। अभी मैंने उसे देखा नहीं है। जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। राजीवरंजन मीणा, एसडीएम,नागदा-खाचरौद

यह है मामला

ग्रामपंचायत अमलावदिया निवासी राजेश पिता बद्रीलाल की मौत 13 जुलाई 2009 को हुई थी। बावजूद सरपंच भंवरबाई पति राजू सचिव जीवनसिंह ने मृत राजेश के परिजनों के कम पढ़े-लिखे होने का फायदा उठाया। ग्राम पंचायत अमलावदिया से जुड़े ग्राम लसूड़िया जयसिंह में मनरेगा के तहत कुओं का निर्माण हुआ था। योजना के तहत गांव के रतन पिता शंकर के कुएं के निर्माण में सचिव सरपंच ने 11 से 17 दिसंबर 2010 तक, 20 से 25 फरवरी 2011, 17 से 23 फरवरी 2011 24 फरवरी से 2 मार्च 2011 तक मृत राजेश द्वारा कार्य करना बताया गया। बाकायदा मस्टर रोल में उसकी हाजरी भी दर्ज की गई। मजदूरी भी 3522 रुपए होना दर्ज किया, जबकि निर्माण कार्य के पहले ही राजेश की मौत हो चुकी थी। मामले को प्रमुखता से भास्कर ने 4 जून को प्रकाशित कर अधिकारियों को इस गोलमाल से अवगत कराया था। इसके बाद जिला पंचायत से नोटिस जारी हुए थे। मामले में जिला पंचायत से पत्र मिलने के बाद एसडीएम ने सरपंच को धारा 40 के तहत नोटिस जारी किया था।