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बिना उपकरण जांच को पहुंचा स्वास्थ्य अमला गंभीर बीमारी से पीड़ित एक भी मरीज नहीं मिला

7 वर्ष पहले
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{औद्योगिक प्रदूषण से नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ने की शिकायत पर पहुंचा था अमला {मानव अधिकार आयोग को स्वास्थ्य विभाग जांच रिपोर्ट 15 को सौंपेगा

भास्करसंवाददाता | नागदा

मंगलवारको स्वास्थ्य विभाग का अमला शहर में औद्योगिक प्रदूषण से पीड़ित संभावित मरीजों की जांच करने पहुंचा, वह भी बिना उपकरण अन्य संसाधन के। जांच के बाद बीएमओ डी.पी. जाटवा ने खुलासा किया कि उन्हें एक भी ऐसा मरीज नहीं मिला है, जो औद्योगिक प्रदूषण के प्रभाव से किसी गंभीर बीमारी की चपेट में हो। उन्होंने यह जरूर बताया कि स्वास्थ्य शिविर में मौसमी बीमारी से पीड़ित मरीज जरूर मिले हैं, जबकि स्वास्थ्य शिविर जिस स्लम एरिया, मेहतवास बादीपुरा में लगाया था। उसमें मेहतवास क्षेत्र में पांच साल पूर्व लगे शिविर में विभाग को 5 कैंसर के रोगी मिले थे। तत्कालीन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनोद लहरी ने स्वयं रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेजी थी। ऐसे में यह समझ से परे है कि दलित अधिकार मंच द्वारा मानव अधिकार आयोग को की गई शिकायत के बाद जांच करने पहुंचा स्वास्थ्य अमला मरीजों की तलाश करने यहां पहुंचा था या सिर्फ औपचारिकता निभाने। क्योंकि शिविर में भास्कर टीम को 6 डॉक्टर तो दिखाई दिए। वह भी जांच कम, आपस में गपशप अधिक कर रहे थे। सबसे बड़ी बात गंभीर बीमारियों की जांच को पहुंचे स्वास्थ्य अमले के पास ऐसा कोई जांच उपकरण अथवा संसाधन नहीं थे, जिससे किसी गंभीर बीमारी के पीड़ित होने का पता चल सके। ऐसे में 15 दिसंबर को आयोग के समक्ष आवश्यक तौर पर प्रस्तुत किए जाने वाली जांच रिपोर्ट में स्वास्थ्य अमला गंदी बस्ती के लोगों को तंदुरूस्त बताकर मात्र कुछ लोगों को मौसमी बीमारियों से पीड़ित बनाने की रिपोर्ट ही सौंपेगा।

प्रदूषणरोकने चल रही कार्ययोजना- मानवअधिकार आयोग को मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उपक्षेत्रीय अधिकारी अरविंद केशवरे ने बताया कि औद्योगिक प्रदूषण पर अंकुश के लिए योजना चल रही है। उन्होंने बताया नागदा उद्योगों से जल प्रदूषण हो, इसके लिए 88.6 करोड़ रुपए की कार्ययोजना बनाई गई है, जिसका कार्य शुरू हो गया है, जो 2016 तक पूरी हो जाएगी। इससे पानी की गुणवत्ता में सुधार होगा और उसे पुन: उद्योग में उपयोग लाया जाएगा।

दोदर्जन की हो चुकी है मौत- मेहतवासक्षेत्र में गंभीर बीमारी से ग्रसित एक भी मरीज टीम को मिलना आश्चर्यजनक है। कारण यहां कैंसर जै