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आज सकारात्मक चर्चा नहीं तो ट्रेड यूनियन मोर्चा अगली बैठक में नहीं लेगा हिस्सा
उद्योगसूत्रों की मानें तो ग्रेसिम प्रबंधन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण समझौता लंबित करने की फिराक में है। चूंकि नवंबर माह में नगरीय निकाय चुनाव होना है। ऐसे में दोनों ही दल समझौते को मुद्दा बनाने की फिराक में है। श्रमिकों को तो यहां तक कहना है कि इस माह के अंत तक अगर समझौता नहीं हुआ तो चुनाव के पूर्व समझौता होना संभव नहीं होगा। कारण अगर अच्छा समझौता हुआ तो भाजपा को इसका सीधा लाभ मिलेगा। यदि समझौते में श्रमिक हित प्रभावित हुए तो कांग्रेस के हाथ एक मजबूत मुद्दा लग जाएगा। इससे वह श्रमिक वर्ग के 25 हजार वोट बैंक में सेंध लगाने में सफल हो सकती है। बहरहाल समझौता अच्छा हो या बुरा मगर कसौटी पर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा को ही परीक्षा देना है। क्योंकि समझौता अच्छा हुआ तो उनकी पीठ भले कोई थपथपाएं, लेकिन अगर समझौता आशा के अनुरूप नहीं हुआ तो श्रमिकों की लानतें मिलना जरूर तय है।
भास्कर संवाददाता|नागदा
ग्रेसिमउद्योग प्रबंधन श्रम संगठनों के बीच पांच साला समझौता वार्ता की विवादित मांगों पर गुरूवार को कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा अगली बैठक में हिस्सा नहीं लेगा। प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ यह रणनीति संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा ने तय की है। मोर्चा प्रवक्ता लल्लनप्रसाद ने बताया हर बार उज्जैन में आयोजित बैठक में प्रबंधन कोई नई मांग खड़ी कर समझौता वार्ता के असल मुद्दों पर चर्चा नहीं होने देता। ऐसी स्थिति में जिन मांगों पर गतिरोध है। उनका निराकरण नहीं हो पाता। अगर गुरूवार को भी बैठक में यहीं स्थिति रही तो सहायक श्रमायुक्त को इस संबंध में आगामी बैठक आयोजित नहीं करने का अनुरोध किया जाएगा। मोर्चा में शामिल बीएमएस के प्रधानमंत्री जोधसिंह राठौड़ ने बताया बैठक का आयोजन विवाद के निपटारे के लिए किया जाता है। लेकिन प्रबंधन समझौता लंबित करने की साजिश के तहत ऐसी मांग कर देता है। जिसका समझौते से कोई लेना-देना ही नहीं होता। बैठक के संबंध में श्रमिकों को मोर्चा सदस्यों को जानकारी देना होती है। लेकिन मोर्चा के पास श्रमिकों को बताने को कुछ नहीं होता। ऐसे में सिर्फ तारीखों में समझौता उलझने से श्रम संगठनों के प्रति श्रमिकों में असंतोष पनपता है। इसलिए अगर गुरूवार को प्रबंधन ने लंबित मांगों से अन्यत्र जाकर बात की तो अगली बैठक आयोजित करने का औचित्य भी नहीं रहेगा।