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गेट मीटिंग में यूनियन नेता श्रमिकों को सफाई देते रहे
कुछशरारती तत्व श्रमिकों में भ्रम फैला रहे हैं कि संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा ने ग्रेसिम प्रबंधन के साथ गुपचुप समझौता कर लिया है। बावजूद श्रमिकों को अंधेरे में रख गेट मीटिंग आंदोलन की नौटंकी हो रही है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रबंधन के साथ बातचीत का ब्यौरा मीडिया के माध्यम से प्रत्येक श्रमिकों के समक्ष लाया जाता है। जिस दिन भी समझौता होगा श्रमिकों को सबसे पहले जानकारी संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा देगा। ऐसे में श्रमिक भाइयों से आग्रह है कि हमारी एकता को प्रभावित करने वाले विघ्नसंतोषी लोगों की बातों में आने के बजाए सीधे मोर्चा के लोगों से चर्चा कर सही जानकारी ले। यह बात मंगलवार दोपहर उद्योग के पॉवर हाउस गेट पर प्रदर्शन गेट मीटिंग के दौरान मोर्चा पदाधिकारियों ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कही। श्रमिक नेता जोधसिंह राठौड़, जागेश्वर शर्मा, विजय दास, सुजानसिंह ठाकुर, लल्लनप्रसाद, हृदयकुमार आदि ने कहा कि 18 सितंबर को सहायक श्रमायुक्त के साथ उज्जैन में प्रबंधन के साथ बैठक में समझौता संपन्न होने की राह निकल सकती है। श्रमिकों को विश्वास दिलाते हैं कि इस बार का समझौता ऐतिहासिक होगा। समझौते में इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि श्रमिक हित कतई प्रभावित हो।
30सितंबर के बाद होगा उग्र आंदोलन
गेटमीटिंग में श्रमिक नेताओं ने चेतावनी है कि ग्रेसिम प्रबंधन अगर 30 सितंबर तक सम्मानजनक समझौते की राह नहीं निकालता तो इसके बाद श्रमिकों की बैठक बुलाकर उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
अलग-अलगप्लांट के श्रमिक देंगे धरना
मोर्चाप्रवक्ता लल्लनप्रसाद ने बताया प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार को पॉवर प्लांट के श्रमिकों के साथ धरना दिया गया था। अब 19 सितंबर से उद्योग के विभिन्न प्लांट में कार्यरत श्रमिक बारी-बारी से धरना प्रदर्शन करेंगे।
ठेकाश्रमिक पहुंचे उज्जैन
स्थानीयउद्योगों में कार्यरत 10 हजार ठेका श्रमिकों का शोषण करने की शिकायत लेकर मंगलवार को ठेका श्रमिकों का एक प्रतिनिधि मंडल ने सहायक श्रमायुक्त कार्यालय पहुंचकर श्रम कानूनों का पालन कराने की मांग की है। यहां श्रम निरीक्षक पी.सी. गुप्ता को सौंपे गए ज्ञापन में श्रमिकों ने बताया हर स्थाई नेचर का काम ठेका श्रमिकों से सभी उद्योग प्रबंधन ले रहे हैं। कई श्रमिक ऐसे हैं जो 20 से 25 वर्ष से ठेके में ही काम कर रहे हैं। इनके काम स्थाई श्रमि