मंत्री के आश्वासन पर लौटे श्रमिक
श्रममंत्री आर्य से मिलने भोपाल गए थे
भास्कर संवाददाता | नागदा
निजी उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों की सेवानिवृति आयु 58 से बढ़ाकर 60 करने के आदेश का पालन कराने के लिए ग्रेसिम उद्योग के श्रमिक अभी भी संघर्षरत है। मंगलवार को असंगठित कामगार मंडल अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत के साथ श्रम मंत्री अंतरसिंह आर्य से मिलने भेापाल पहुंचे श्रमिकों को श्रम मंत्री ने आदेश का पालन कराने का आश्वासन देकर लौटा दिया है। गौरतलब है कि मामले का निराकरण करने के लिए दिसंबर 2015 में भोपाल में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक में भी श्रममंत्री ने ग्रेसिम प्रबंधन को शासन के आदेश का पालन करने के निर्देश दिए थे। बावजूद दिसंबर माह में भी प्रबंधन ने नई गली निकालकर 5 कर्मचारियों को 58 साल में ही सेवानिवृत कर दिया था।
स्टाफकर्मियों ने भी जताया विरोध- मामले में ग्रेसिम में कार्यरत स्टाफकर्मियों ने प्रबंधन की मनमानी का विरोध जताना शुरू कर दिया है। प्रबंधन स्टाफकर्मियों को 58 साल में ही सेवानिवृति दे रहा है। जबकि स्टाफकर्मियों का कहना है कि उन्हें दिए गए नियुक्ति पत्र में उन्हें भी कर्मचारी माना गया है। ऐसे में उन्हें भी शासन के आदेश का लाभ मिलना चाहिए। मामले में प्रबंधन का कहना है कि शासन का आदेश श्रमिकों के लिए है। जिसका पालन उन्होंने दिसंबर से करना शुरू भी कर दिया है।
गजट नोटिफिकेशन का क्या है औचित्य
प्रबंधन की मनमानी से पीड़ित श्रमिक ताराचंद दानी लक्ष्मणसिंह, महेश कुमार, रशीद खान, वीरपालसिंह नेगी, भूपेंद्रसिंह बुंदेला व रमेश ने श्रममंत्री से चर्चा में बताया है कि सेवानिवृति आयु 60 वर्ष करने का आदेश 22 जून 2014 को जारी किया गया था। शासन ने इसके लिए गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया था। बावजूद ग्रेसिम उद्योग ने आदेश के विपरीत जाकर श्रमिकों को सेवानिवृति देना जारी रखा। श्रमिकों का कहना है कि ग्रेसिम के साथ उद्योग की अन्य इकाई अब तक 187 श्रमिकों को 58 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृति दे चुकी है। नियमानुसार जिस दिन से शासन ने गजट नोटिफिकेशन जारी किया उसी दिन से सेवानिवृत हो चुके श्रमिकों को लाभ मिलना चाहिए।
ग्रेसिम की शिकायत