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दुर्गापुरा से पारदी रोड की जर्जर सड़क से निकलना मुश्किल

7 वर्ष पहले
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शहरके दुर्गापुरा, ईडी गेट, मेहतवास, केमिकल कॉलोनी, पारदी गांव को जोड़ती सड़क की हालात इतनी खराब हो चुकी है कि अब इससे गुजरना जान को जोखिम में डालना है। कहने को तो उद्योग रोड की 300 मीटर लंबी सड़क की दूरी 2 मिनट में तय की जा सकती है, लेकिन गड्ढों से पटी सड़क के कारण 10 मिनट से ज्यादा व्यर्थ जाया हो रहे हैं। चूंकि उक्त सड़क का उपयोग क्षेत्र में स्थित ग्रेसिम, केमिकल डिवीजन अथवा लैंक्सेस उद्योग में कार्यरत श्रमिक उनके परिजन ग्रामीण ही करते हैं। इसलिए भी किसी को इनकी समस्या की ओर ध्यान देने का ख्याल नहीं है। हालांकि सड़क को दुरुस्त अथवा इसका निर्माण करने की जिम्मेदारी इन तीनों उद्योगों की है। क्योंकि इस सड़क का उपयोग उद्योग में माल ढुलाई के लिए आने वाले भारी वाहन ही अधिक करते है। एक अनुमान के अनुसार उक्त सड़क से प्रतिदिन 500 से अधिक वाहन आवागमन करते हैं, जो 9 से 60 टन क्षमता तक माल लेकर उद्योग में पहुंचते है। ऐसी स्थिति में उक्त सड़क का निर्माण मानक उच्च स्तरीय होना चाहिए। मगर अब तक तो जितनी बार सड़क बनी, वह 6 माह का समय पूर्ण करने के पूर्व ही खराब हो जाती है। इधर काफी समय से इस सड़क का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में इस पर पड़े गड्‌ढे गहरे होकर पैदल दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।

आंदोलनकी चेतावनी, धरातल पर कुछ नहीं- सड़कको बनाने के क्षेत्रीय पार्षद रघुनाथसिंह बब्बू ने आंदोलन की चेतावनी जरूर दी थी। लेकिन बाद में जनहित का यह मुद्दा भूला दिया। ईडी गेट के सामने सड़क का नामोनिशान तक नहीं है। क्षेत्र में स्थित स्कूली बच्चे और श्रमिक परिवार के लोग आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। लेकिन लगता है जब तक जिम्मेदार के किसी अपने को यह सड़क आघात नहीं पहुंचाएगी, तब तक तो यह सड़क बनना मुश्किल है। पूर्व में ग्रेसिम उद्योग के जनरल मैनेजर राजेश शर्मा ने शीघ्र ही सड़क निर्माण करने का भरोसा दिलाया था। लेकिन 8 माह गुजरने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। शर्मा का कहना था कि सड़क निर्माण से रास्ता जाम होने की स्थिति बनेगी। प्रबंधन कोई दूसरा रास्ता तलाश रहा है। इसके बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

^उक्त सड़क को बनाने के लिए मेरे द्वारा तीन बार उद्योग प्रबंधकों को पत्र लिखकर सड़क निर्माण का अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन प्रबंधन ने कोई भी सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। सड़क उद्योग क्षेत्