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जनसेवा के डॉक्टर की लापरवाही, ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की गलत नस काट दी, मौत

5 वर्ष पहले
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नॉर्मल स्थिति थी फिर भी ऑपरेशन किया गया। महिला चिकित्सक की लापरवाही से गलत नस कट गई। जिससे मेरी प|ी अंतिम शर्मा की अधिक ब्लीडिंग होने से मौत 3 फरवरी को हो गई। यह आरोप प्रकाशनगर निवासी उमेश पिता रामप्रसाद शर्मा ने मीडिया के सामने अपनी प|ी अंतिम की मौत के बाद लगाया है। उन्होंने मामले की शिकायत रविवार को बिरलाग्राम थाने में भी की है।

उमेश के अनुसार प|ी अंतिम का इलाज डॉ. माधुरी लघाटे के यहां चल रहा था। 30 जनवरी को डाॅ. लघाटे ने मेरी प|ी की सोनोग्राफी कर 1 फरवरी को पुन: दिखाने को कहा था। जब डाॅ. लघाटे को दिखाया तो उन्होंने प|ी अंतिम को जनसेवा भेज दिया। वहां डॉ. इंदुसिंह ने अंतिम का चेकअप कर भर्ती कर लिया। डॉ. इंदुसिंह ने ऑपरेशन करने को कहा। मैंने जब डॉक्टर से पूछा कि स्थिति नाॅर्मल है तो ऑपरेशन की क्या जरूरत, क्या नॉर्मल डिलेवरी नहीं हो सकती। डॉ. इंदुसिंह ने बेतुका जवाब दिया कि डॉक्टर मैं हूं या तुम, ऑपरेशन तो छोटा-सा है ऐसे ऑपरेशन तो हम रोज करते हैं। शाम करीब 7 डॉ. इंदुसिंह ने मेरी प|ी का सिजेरियन ऑपेरशन किया तभी उसके शरीर के अंदर की कोई गलत नस कट गई। रात 8 बजे बाद डॉ. सिंह ने मेरी प|ी का पुन: ऑपरेशन किया और मेरी प|ी की सीरियस हालत बताकर मुझसे 4 से 5 बॉटल खून की व्यवस्था करने का कहा। मैंने जब डॉक्टर से पूछा तो डॉक्टर ने इसका रिप्लाई नहीं दिया। जबकि प|ी को लगातार ब्लीडिंग होती रही। रात 9 बजे डॉ. सिंह ने इंदौर ले जाने का कह दिया। मैंने तुरंत निजी खर्च से इंदौर सीएचएल से एम्बुलेंस मंगवाई और रात 1 बजे उसे लेकर इंदौर रवाना हुआ। वहां डॉक्टरों ने बताया ऑपरेशन के दौरान महिला के पेशाब की थैली में तीन जगह छेद हो गए और गलत नस कट गई है। जिससे ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है, वहीं ऑपरेशन करते समय आपकी प|ी का गर्भाशय भी निकाल दिया है। जिससे उनकी हालत गंभीर हुई है। इंदौर सीएचएल के डॉक्टरों ने मेरी प|ी अंतिम को बचाने के काफी प्रयास किए लेकिन 3 फरवरी को उसकी मौत हो गई।

अंतिम शर्मा

मीडिया के सामने घटना बयां करता उमेश।

पुलिस जांच के बाद ही कोर्ट ले जाएंगे मामला
मामले में उज्जैन के अभिभाषक यशवंत अग्निहोत्री ने कहा रविवार काे उमेश व उनके परिजन मेरे पास आए थे। मैंने पूरी मेडिकल रिपोर्ट्स हमारे पर्सनल मेडिकल एक्सपर्ट्स को भेजी है। एक्सपर्ट्स द्वारा इसकी स्टडी करने के बाद सच्चाई पता चलेगी। इसके अलावा मैंने पीड़ित से बिरलाग्राम पुलिस में आवेदन भी दिलवाया है। अगर पुलिस उचित कार्रवाई नहीं करती है तो मामला कोर्ट तक ले जाएंगे।

ढाई साल की बेटी अब पिता के सहारे
डॉक्टर की छोटी-सी लापरवाही दो नन्हे बच्चों को मां से जुदा कर गई। बता दें कि ऑपरेशन के दौरान मृतका अंतिम ने पुत्र को जन्म दिया, लेकिन नवजात अपनी मां का चेहरा ही नहीं देख सका। वहीं उमेश की ढाई साल की बेटी दीक्षा अब अपनी मां की तस्वीर देखकर बार-बार उन्हें पुकार रही है। दोनों के पालन पोषण की जिम्मेदारी अब उमेश की ही है।

मामले की जांच शुरू कर दी
मामले की शिकायत मिली है। जांच शुरू कर दी है। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। गगन बादल, जांच अधिकारी, बिरलाग्राम थाना

महिला का पहले भी ऑपरेशन हो चुका है

महिला को गंभीर हालत में जनसेवा लाया गया था। महिला का पहले भी ऑपरेशन हो चुका है। यह बात परिजनों को बता दी गई थी। परिजनों की सहमति से आॅपरेशन किया गया। डॉ. इंदुसिंह, चिकित्सक, जनसेवा

जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी

मामले की जानकारी क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से मुझे मिली है। पूरी सच्चाई पता चलने के बाद जिले की टीम आकर मामले की गंभीरता से जांच करेगी। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। डॉ. संजीव कुमरावत, बीएमओ

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