जीवन के लिए धर्म जरुरी
नागदा | धर्मजीवन की आवश्यक वस्तु है और अत्यंत जरुरी भी है। जैसे शरी के लिए कपड़े, पेट के लिए भोजन, प्यासे के लिए पानी जरुरी है। वैसे ही सुख प्राप्ति के लिए धर्म आराधना महत्वपूर्ण है। यह बात वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के महावीर भवन में साध्वी डॉ. स्नेह प्रभा ने धर्मसभा में कहीं। उन्होंने कहा धर्म के बिना मनुष्य को सुख, संपत्ति और संतान की प्राप्ति नहीं हो सकती है। धर्मसभा को बसंत मुनिश्री साध्वी प्रेक्षाश्रीजी ने कहा आग को पानी से शांत किया जाता है, वैसे ही कषायों का जीनवाणी रुपी पानी से शमन किया जा सकता है। कषाय जितने कम होंगे, मनुष्य उतना अधिक सुख-शांति का अनुभव करेगा। साध्वीश्री पहली बार राजस्थान से विहार कर शहर में आई है। उनके साथ मधुर गायिका साध्वी डॉ. प्रज्ञाश्रीजी भी है। जानकारी संघ अध्यक्ष प्रकाश लुणावत मानव सेवा समिति अध्यक्ष सतीश लुणावत ने दी।