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समान कार्य करने वाले ठेका श्रमिकों के वेतन में अंतर क्यों- शेखावत

7 वर्ष पहले
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ग्रेसिमउद्योग के पांच साला समझौते में हो देरी पर भाजपा ने ग्रेसिम प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाई है। विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने लेबर कमिश्नर के.सी.गुप्ता को इंदौर पहुंचकर उद्योग के श्रमिकों की स्थिति से भी अवगत कराया। गुरूवार सुबह आयोजित प्रेसवार्ता में शेखावत ने बताया समझौता लंबित होने से श्रमिक के साथ शहर का बाजार भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में श्रम विभाग की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि मजदूर हित में जल्द से जल्द समझौता कराने की राह निकाली जाए। इस दौरान लेबर कमिश्नर को शेखावत ने श्रमिक हित में 11 सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा। पत्रकार वार्ता में नपाध्यक्ष शोभागोपाल यादव, पूर्व विधायक लालसिंह राणावत, मंडल अध्यक्ष धर्मेश जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ.तेजबहादुरसिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

कामकी कीमत तो पूरी दे प्रबंधन

पत्रकारोंसे चर्चा में विधायक ने कहा उद्योगों में कार्यरत ठेका श्रमिकों से स्थाई श्रमिकों के अनुसार ही कार्य लिया जा रहा है। तो उन्हें भी समान वेतनमान मिलना चाहिए। इस दौरान विधायक ने बोनस सीलिंग समाप्त करने के मुद्दे को हवा देते हुए कहा कि उन्होंने प्रबंधन से चर्चा कर उनसे सवाल किया है कि 1994 में 4000 श्रमिक कार्यरत थे। वर्तमान में मात्र 1800 श्रमिक ही है। मेनपॉवर कम होने पर श्रमिकों से ओवरटाइम कराने की स्थिति बन रही है। ऐसी स्थिति में श्रमिकों की भर्ती करने की बजाए 396 श्रमिकों के पद समाप्त करने की बात क्यों की जा रही है। उद्योग को 5 पांच वर्ष में हुए मुनाफा का एक छोटा सा हिस्सा श्रमिक मांग रहे है। उसे देने में भी आनाकानी करना ठीक नहीं है। स्टाफकर्मियों को तो हर वर्ष इंक्रीमेंट देकर उपकृत किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में श्रमिकों को भी उनके अधिकार प्रबंधन को देना चाहिए।

शहरके युवाओं को दे रोजगार

इसदौरान विधायक ने स्थानीय उद्योगों में शहर के युवाओं को रोजगार देने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। समझौते में श्रमिकों को सम्मानजनक वेतनवृद्धि देने के साथ ठेका श्रमिकों से कंपनी कोड की बजाए निजी कोड में कार्य लेने की व्यवस्था से भी लेबर कमिश्ननर को अवगत कराया। कमिश्ननर ने आश्वस्त किया है कि उद्योग मंत्री श्रम विभाग के स्तर पर मामले में कार्रवाई की जा रही है।

58से 60 आयु पर जल्द निर्णय

विधायकने बताया शासन द्वारा श्रमिकों की सेवानिवृति की आयु 58 से बढ़ाकर