मां का वृत्तांत सुनते ही नम हो गईं आंखें
कवि सम्मेलन में कविताओं से समा बांधा
नागदा | मां तू कितनी अच्छी है…खुद पीड़ा सहकर अपने बच्चों को सुख की छांव देती है। जीवन के हर मोड़ तू अपने बच्चों के साथ रहती है। कविता की यह पंक्तियां जब सत्येंद्र वर्मा के मुख से निकली। तो उपस्थित श्रोताअों की आंखें नम हो गईं। आयोजन वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में विश्व साहित्य अनुष्ठान व जीवदया मानव सेवा समिति के तत्वावधान में रामसहाय मार्ग स्थित जीवनदया मानव सेवालय में हुआ। कवि सम्मेलन में सुनील गाइड, डॉ. शिव चौरसिया, संध्या विश्व, सुल्तान मामा ने काव्य पाठ किया। सूत्रधार कवि जगन्नाथ विश्व ने किया।