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}उद्योग गेट पर धरना प्रदर्शन के दौरान दी चेतावनी }हर
}उद्योग गेट पर धरना प्रदर्शन के दौरान दी चेतावनी }हर साल स्टाफकर्मियों का बढ़ोत्रा करने पर उठाए सवाल
भास्करसंवाददाता | नागदा
चुनावोंमें श्रमिकों का वाेट मांगने हम ग्रेसिम उद्योग के गेट पर आते है। तो हमारा भी दायित्व बनता है कि जब श्रमिक संकट में आए तो उनके पक्ष में कांग्रेस उनके साथ खड़ी हो। हमारा आंदोलन सियासी दिखावा नहीं, यह चेतावनी है ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन को। अगर 30 सितंबर तक पांच साला समझौते के तहत श्रमिकों को सम्मानजनक वेतनवृद्धि देने की मांग नहीं मानी गई तो शहर की जनता भी नागदा बंद कर श्रमिकों का हक मांगने खड़ी होगी। यह बात सोमवार शाम ग्रेसिम पॉवर हाउस गेट पर शहर कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शहर अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने कही। स्वामी ने कहा 9 माह से उद्योग प्रबंधन मजदूरों का वाजिब हक देने में आनाकानी कर रहा है। जबकि हर साल हजारों करोड़ रुपए का मुनाफा कमाकर इंक्रीमेंट की मलाई हर साल स्टाफकर्मियों में बांटी जा रही है। धरने को श्रमिक नेता नंदू शर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान पवन गुर्जर, नरेंद्र गुर्जर, राधे जायसवाल, भूरू यादव, सुपार्श्व दलाल, लाखन गुर्जर, सामंत नायक, संजय मेहरा, जितेंद्र चौहान आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भरूचमें क्वालिटी सुधारना हो तो नागदा के श्रमिक याद आते है- स्वामीने कहा श्रमिक प्रोडक्शन बोनस मांगे तो यहां खराब उत्पादन होने का हवाला दिया जाता है। जबकि यहां के ही श्रमिकों को ग्रेसिम अपने भरूच (गुजरात) स्थित प्लांट में फाइबर की क्वालिटी सुधारने भेजता है। जो श्रमिक अन्य प्लांट की क्वालिटी बेहतर बना रहे हो क्या वे अपने प्लांट में खराब उत्पादन करेंगे। प्रबंधन के तर्क ही समझ से परे है।
भरूचमें 7 मिल रहे है, 12 पर प्रबंधन तैयार है, श्रमिक 20 हजार मांग रहे है- स्वामीने धरने के दौरान इंदौर पीथमपुर स्थित आयशर केस इंडिया कंपनी में हुए समझौते का हवाला देते हुए बताया यहां मजदूरों को 3500 रुपए आवास 1600 रुपए चिकित्सा भत्ता हर माह दिया जा रहा है। बच्चों की शिक्षा के लिए इतना कर्ज दिया जाता है। जिनसे यहां के श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं आती। भरूच स्थित ग्रेसिम के प्लांट में गत समझौता 7 हजार की वेतनवृद्धि का हुआ था। वर्तमान में प्रस्तावित समझौता वार्ता में प्रबंधन 12 हजार रुपए की वेतनवृद्धि करने को तैया