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एक्सग्रेसिया सीलिंग हटाने को तैयार नहीं ग्रेसिम
पांचसाला समझौते को लेकर उज्जैन में सहायक श्रमायुक्त के समक्ष ग्रेसिम प्रबंधन संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा की बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। मोर्चा की प्रमुख मांग पर प्रबंधन वर्ष 2007 में सीज एक्सग्रेसिया राशि से सीलिंग हटाने को तैयार नहीं हुआ। प्रबंधन का कहना था कि उद्योग को नुकसान हो रहा है। ऐसे में मोर्चा श्रमिकों की ओर से प्रबंधन को क्वालिटी में सुधार का लिखित आश्वासन दे। मोर्चा पदाधिकारियों ने प्रबंधन की इस मांग को ठुकरा दिया है। मोर्चा प्रवक्ता लल्लनप्रसाद के अनुसार मंगलवार शाम 4 बजे प्रबंधन के साथ नागदा में ही चर्चा होगी। जब तक प्रबंधन स्थानीय स्तर पर मांगों पर कोई सकारात्मक रूख नहीं दिखाएगा, तब तक सहायक श्रमायुक्त के समक्ष मोर्चा बैठक नहीं करेगा।
उद्योगको नुकसान की भरपाई करना होगी- बैठकके दौरान मोर्चा में शामिल पांचों श्रम संगठन इंटक, बीएमएस, एटक, सीटू एचएमएस के प्रतिनिधियों ने प्रबंधकीय अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट किया कि वर्ष 2007 के महंगाई भत्ते वेतन के अनुसार एक्सग्रेसिया की 19.5 प्रतिशत राशि सीज होने से वर्तमान में श्रमिकों को प्रतिवर्ष 15 हजार रुपए का नुकसान हो रहा है। क्योंकि सीजिंग के दौरान महंगाई भत्ता इंडेक्स 5 हजार के लगभग था, लेकिन वर्तमान में यह 10 हजार को भी पार कर गया है। ऐसे में श्रमिकों को सालाना हजारों रुपए के हो रहे नुकसान की भरपाई प्रबंधन को सीजिंग हटाकर करना चाहिए।
फिर396 का मामला उछला- बैठकके दौरान प्रबंधन ने ऑटोमाइजेशन के नाम पर आने वाले वर्षों में 396 श्रमिकों का मुद्दा एक बार फिर उछाल दिया। इस पर मोर्चा ने दो टूक शब्दों में प्रबंधन को स्पष्ट कर दिया है कि ऑटोमाइजेशन की प्रक्रिया जब शुरू होगी, तब इस मुद्दे पर बात होगी। वर्तमान समझौते में इस मामले को लाकर प्रबंधन समझौता लंबित करने की कोशिश करें।
मजदूरमोर्चा आगे आएगा- समझौतालंबित करने के विरोध में मजदूर मोर्चा ने भी आगे आने की चेतावनी प्रबंधन को मीडिया के माध्यम से दी है। मोर्चा संचालक सदस्य अब्दुल हमीद ने बताया 1993 में श्रमिक हितों के लिए हड़ताल करने वाला मोर्चा भी मजदूरों की मदद को आगे सकता है। उन्होंने कहा कुछ श्रमिक नेता स्वहित के लिए समझौता अटका रहे हैं। जल्द समझौता नहीं हुआ तो मजदूर मोर्चा भी श्रमिकों की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरने को तैयार है।
उज्जैन में आयोजित ब