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पहले किया नजरअंदाज अब हो रहे परेशान

7 वर्ष पहले
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कार्यालय संवाददाता|नरसिंहगढ़

शुक्रवाररात की बारिश से मेले वाला बाग के बड़े हिस्से में पानी जमा हो गया। इसी को लेकर बाग में छोटा तालाब के किनारे बनाए गए पाथवे की दो कतारों के बीच जमा पानी को निकालने के लिए नपा ने जेसीबी से पाथवे का थोड़ा हिस्सा तुड़़वाया। गौरतलब है कि नपा ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत बाग में नए पाथवे बनवाए थे। तभी से इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि नए निर्माणों की वजह से बारिश में बाग में पानी जमा होगा। बारिश के पहले मावठे में ही यह आशंका सच साबित हो गई। असल में पाथवे बनाते समय तकनीकी पहलू पूरी तरह नजरअंदाज किए गए। तो पाथवे सीधी कतारों में बनाए गए और ही उनके नीचे पानी की निकासी के लिए पाइप डाले गए। नागरिकों ने सुधार के लिए कई बार नगरपालिका से मांग भी की, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

शुरूसे विवादों में रहा काम

मुख्यमंत्रीअधोसंरचना योजना के तहत मेले वाला बाग में सौंदर्यीकरण के नाम पर की जा रही खानापूर्ति और छोटा तालाब गहरीकरण का काम शुरू से ही विवादों में रहा है। कुल 2.23 करोड़ की योजना में से करीब 1.50 करोड़ रुपए छोटा तालाब और मेले वाला बाग में लगाए जाने थे। ठेकेदार ने शुरू से इस काम में लापरवाही बरती और नगरपालिका ने इसकी ओर से पूरी तरह से आंखें बंद रखीं। सबसे पहले तो तालाब की खुदाई का टेंडर 43 लाख रुपए में दिया गया। काम के मूल्यांकन में भी गड़बड़ी की गई। तालाब के एक हिस्से से बेतरतीबी से कोपरा निकालकर दूसरी साइटों पर चल रहे निर्माणों में इस्तेमाल किया गया। इससे तालाब का एक हिस्सा खतरनाक तरीके से गहरा हो गया। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने काम पर रोक लगवाई। मामले में सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर भी शिकायत की गई। इससे लंबे समय तक काम का भुगतान भी अटका रहा। लोगों ने तालाब के काम में सुधार के लिए कई बार प्रशासन से मांग की, लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

पाथवे पर लगाए गए पैवर अभी से क्षतिग्रस्त होने लगे हैं।

मेले वाला बाग में बनाए गए पाथवे के बीच तेज बारिश की वजह से पानी जमा हो गया।

किसी काम का नहीं निर्माण

पाथवेके निर्माण में अपेक्षाकृत कम गुणवत्ता के पैवर लगाए गए हैं, जो अभी से क्षतिग्रस्त होने शुरू हो गए हैं। इसके अलावा पाथवे किसलिए बनाए गए हैं, यह अभी तक किसी को समझ नहीं रहा है। इन्हें जिस तरह टुकड़ों-टु