जीवन में राम जैसी मर्यादा जरूरी
कार्यालय संवाददाता| नरसिंहगढ़
बड़ाश्रीजी मंदिर श्री गोवर्धननाथजी की हवेली में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन रविवार को भागवत प्रवक्ता चंदन कृष्ण शास्त्री महाराज ने श्रीराम और कृष्ण जन्मोत्सव, नृसिंह अवतार के प्रसंगों की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि प्रभु का पृथ्वी पर कई वजहों से समय-समय पर प्राकट्य होता है। इनमें एक वजह मानव को जीने की शैली सिखाना है। मनुष्य को अपने जीवन में राम जैसी मर्यादा, हनुमान जैसी भक्ति और कृष्ण जैसी मस्ती धारण करना चाहिए। इनमें भी मर्यादा सबसे ज्यादा जरूरी है। मर्यादा के बिना मस्ती सस्ती बन जाती है। घर, परिवार या सामाजिक दायरे हर जगह मर्यादा का पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का पूरा जीवन संघर्ष की कहानी है। एक कालकोठरी में जन्म लेने वाले बालक ने अपने पुरुषार्थ के दम पर स्वर्ग जैसी द्वारका का राज्य पाया। आज उनके संघर्षों को आत्मसात कर जीवन में आगे बढऩे की जरूरत है, लेकिन लोग ऐसा नहीं करते। उन्होंने आगे कहा कि इंसान को अपने जीवन में आने वाले कष्टों से नहीं घबराना चाहिए। रोज दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक चलने वाली कथा सुनने बडी़ तादाद में श्रद्धालु गोवर्धननाथजी की हवेली में पहुंच रहे हैं।
नरसिंहगढ। कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग में नन्हें बालकृष्ण को गोद में लिए हुए श्रद्धालु।
भागवत के प्रसंगों पर प्रवचन देते हुए चंदनकृष्ण शास्त्री महाराज।