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अज्ञात बीमारी से मर रहे सुअर खुले में फिंकवा रही नपा
कार्यालय संवाददाता| नरसिंहगढ़
सफाईइंतजामों को लेकर मंगलवार को स्थानीय रहवासी नगरपालिका का घेराव करेंगे। इसके पहले सोमवार को नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय में शिकायत करने गया। लोगों का कहना था कि शहर में अज्ञात बीमारी की वजह से तेजी से सूअर मर रहे हैं। नगरपालिका इन्हें कंतोडा-गणेश चौक के रास्ते के किनारे खुले में फिंकवा रही है। इनके अवशेषों को खाकर कुत्ते पास की बजरंग मोहल्ला, बाराद्वारी आदि बस्तियों में पहुंच रहे हैं। इससे स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है। बार-बार नगरपालिका कार्यालय में शिकायत करने के बावजूद भी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों की मांग है कि मृत जानवराें के शव सुरक्षित तरीके से जमीन में दफनाए जाएं, ताकि संक्रमण का खतरा रहे। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सुभाष चौक निवासी मैमूना बी (40) की मौत भी लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मामला मानी जा रही है। गौरतलब है कि बड़ी तादाद में एक सप्ताह से सूअर मर रहे हैं, लेकिन अब तक नगरपालिका ने उनका मेडिकल परीक्षण नहीं करवाया है।
शहरी क्षेत्र से रोज निकलने वाले कचरे के निपटारे के लिए नगरपालिका के पास ट्रेंचिंग ग्राउंड ही नहीं है। इससे कचरा रिहायशी बस्तियों के आसपास ही डाला जा रहा है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने रामगढ में ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जगह का चयन किया है, लेकिन वहां अभी काम शुरू नहीं हुआ है। लोगों की मांग है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए काम जल्दी शुरू किया जाए।
नपाको निर्देश देंगे
^अगरमरे हुए जानवरों को खुले में ही डाला जा रहा है तो यह वाकई गंभीर मामला है। नपा से इसकी जानकारी ली जाएगी और सुधार के लिए निर्देश दिए जाएंगे। एआरचिरामन, तहसीलदार नरसिंहगढ़
गंदगी से परेशान हैं लोग
अलग-अलगवार्डों में लोगों को सफाई इंतजामों को लेकर शिकायतें हैं। वार्ड 1 में बिजलीघर के पास रहने वाले राजेश शर्मा, सुनील प्रजापति, आशीष अग्रवाल आदि वार्ड के सार्वजनिक कचराघर की वजह से परेशान हैं। यहां से कचरा उड़कर घरों में आता है। यही समस्या वार्ड 11 में पाल रोड की है। यहां योगेश शुक्ला सहित आसपास के दूसरे घरों में सड़क किनारे डाला जाने वाला कचरा उड़कर आता है। लोगों का कहना है कि आसपास के इलाकों की सफाई के बाद कचरा इकट्ठा कर नगरपालिका उनके घरों के सामने डाल देती है। यह कचरा उड़कर घरों के साथ परशुराम सागर में भी जाता है और प्रदूषण बढाता है। इसी तरह बाराद्वारी, घोडाघाटी, शिक्षक कॉलोनी, पीएचई गली आदि इलाकों के रहवासियों ने भी सफाई के अपर्याप्त इंतजामों पर नाराजगी जताई है।
कंतोड़ा रोड के किनारों पर मृत मवेशियों को खुले में डाला जा रहा है। इससे बीमारी और प्रदूषण फैलने की आशंका बढ़ गई है।