सीताष्टमी पर आज होंगे आयोजन
कार्यालय संवाददाता| नरसिंहगढ़
सीताष्टमीका पौराणिक पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु लोक कल्याण और दांपत्य जीवन में सुख- समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखेंगे। मंदिरों में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और जगत जननी सीता के युगल स्वरूप के दर्शन कर पूजा- आरती की जाएगी।
श्रीरामललाजी, रघुनाथजी, केम, झाली आश्रम, जमात मंदिर, रामकृष्ण मंदिर बड़ा बाजार, धर्मशाला, काली तलाई, कंवरानीजी- चांपावतजी, बड़ा महादेव और छोटा महादेव के राम मंदिर, कांवड़ियाजी- चांपावतजी, भट्टजी, छत्रसालजी मंदिर समेत सभी राम और हनुमान मंदिरों में सुबह-शाम की आरती के साथ धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
सीताजी का प्राकट्य दिवस है सीताष्टमी
निर्णयसिंधु पुराण के मुताबिक फाल्गुन महीने के कृष्णपक्ष की अष्टमी को माता सीता का जन्म हुआ था। इस दिन विवाहितों द्वारा सुखी दांपत्य और कुंवारों द्वारा अच्छे जीवनसाथी की कामना के साथ श्री सीता राम के युगल स्वरूप की पूजा की जाती है। दूध- गुड़ के बने व्यंजनों का प्रसाद चढ़ाया जाता है और शाम को इन्हीं व्यंजनों से व्रत खोला जाता है।
सीताष्टमी पर मंदिरों में देवप्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है।