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अंगार की गणेश चतुर्थी पर होगी विशेष पूजा
कार्यालय संवाददाता| नरसिंहगढ़
मंगलवारको अंगार की गणेश चतुर्थी का व्रत श्रद्धा से मनाया जाएगा। बडा़ महादेव, सूरजपोल गणेश मंदिर, गणेश चौक, चमेली छत्री, खेडा़पति गणेश मंदिर, नृसिंह द्वार आदि मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान मंदिरों में विशेष सजावट कर पूजा - आरती की जाएगी।
श्रद्धालुआें में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है। गणेश पुराण के मुताबिक अंगारकी चतुर्थी का व्रत करने से सालभर की सभी चतुर्थियों के व्रत का फल मिलता है। उत्तर से दक्षिण भारत तक इस व्रत को विशेष श्रद्धा से मनाया जाता है। अंगारकी गणेश चतुर्थी की पूजा से गणेशजी के साथ मंगल की भी पूजा हो जाती है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से साहस में बढ़ोतरी होती है और कामों में आने वाले संकट दूर होते हैं।
क्या है अंगारकी गणेश चतुर्थी
किसीभी महीने में मंगलवार को आने वाली संकष्ट चतुर्थी को अंगारकी गणेश चतुर्थी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक हर महीने कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी को संकष्ट और शुक्ल पक्ष में आने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है।
छत्री के जीर्णोद्धार की मांग की
नरसिंहगढ़।श्रद्धालुओं ने प्राचीन बैजनाथ बडा़ महादेव शिवालय की गणेश छत्री के जीर्णोद्धार की मांग की है। पिछले कई वर्षों से छत्री का निर्माण अधूरा है। जबकि शिवालय में आने वाले श्रद्धालु सबसे पहले इसी प्राचीन गणेश प्रतिमा से रूबरू होते हैं। छत्री के गणेशजी सभी की श्रद्धा के केंद्र हैं। विवाह आदि से लेकर अन्य शुभ कार्यों में स्थानीय के अलावा आसपास के लोग सबसे पहले इन्हीं को याद करते हैं। हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व छत्री पर धूमधाम से मनाया जाता है।
खेडापति गणेश मंदिर थावरिया श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। फाइल फोटो।