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बाजार की बजाय थोक मंडी में बिकेंगे फल-फूल और सब्जियां
कार्यालय संवाददाता| नरसिंहगढ़
अबशासन को फल-फूल, सब्जियों और मसालों से सालाना कम से कम 60 लाख रुपए का राजस्व मिल सकेगा। इन सभी चीजों की थोक खरीद-बिक्री अब खुले बाजार में होकर कृषि उपज मंडी परिसर में होगी। इसके लिए शासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है। स्थानीय प्रशासन ने सब्जी और फल-फूल की संभावित थोक मंडी के लिए पिछले दिनों कृषि उपज मंडी परिसर का मुआयना भी किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि नए बजट सत्र तक नई मंडी में सब्जियों, फल-फूलों की खरीदी शुरू हो सकेगी। इसके लिए मंडी प्रबंधन लायसेंस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रहा है। गौरतलब है कि स्थानीय बाजार में फल-फूल, सब्जियों और मसालों की खपत और आवक से इसके व्यापारियों और उत्पादकों को एक साल में 29 करोड़ से ज्यादा की आय होती है। अब तक इसमें से एक रुपया भी शासन को नहीं मिल रहा था। नए फैसले से इन सभी वस्तुओं की थोक खरीद-बिक्री के लिए बेहतर जगह तो मिलेगी ही , साथ ही शासन को भी पहली बार राजस्व की बड़ी राशि मिल सकेगी।
सब्जियां-सबसे ज्यादाप्याज की अावक 25500 मीट्रिक टन। इससे होने वाली अाय 2.50 करोड़ और संभावित मंडी शुल्क 5 लाख रुपए है। जबकि सबसे कम आवक मूली की 120 मीट्रिक टन है। इससे उत्पादकों और विक्रेताओं को 1 लाख की आय होती है और मंडी को 2 हजार रुपए शुल्क मिलने की संभावना है।
फल-सबसेज्यादा16 हजार 500 मीट्रिक टन की खपत के साथ संतरा सबसे ऊपर है। इसके विक्रेताओं को 5 करोड़ की आय और शासन को मिलने वाली राशि 10 लाख होती है। जबकि 30 मीट्रिक टन की खपत के साथ बेर सबसे नीचे है। इससे होने वाली आय 60 हजार और मंडी शुल्क 1200 रुपए बनता है।
मसाले-खपतकेमामले में धनिया 3300 मीट्रिक टन के साथ जबकि कमाई के मामले में लहसुन 6 करोड़ की आय के साथ पहले नंबर पर है। इससे मंडी को होने वाली संभावित आय 12 लाख रुपए होती है। लाल मिर्च की खपत सबसे कम 30 मीट्रिक टन है। इसके विक्रेताओं को 5 लाख की कमाई होती है और इसके बदले मंडी को 10 हजार रुपए शुल्क चुकाना होगा।
फूल-गेंदेकीआवक 125 मीट्रिक टन के साथ सबसे ज्यादा है। जबकि सेवंती की आवक तो 75 मीट्रिक टन है, लेकिन कमाई अौर मंडी शुल्क की संभावित राशि के मामले में यह सबसे आगे है। इसके विक्रेताओं को कम से कम 10 लाख की आय होती है। इसके बदले उन्हें मंडी को 20 हजार रुपए चुकाने होंगे। गुलाब की खपत 35 मीट्रिक टन है जो सबसे कम है।
सब्जी, फल-फूल आदि की मंडी के लिए कृषि उपज मंडी के प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाएगा।
मद आवक मूल्य मंडी शुल्क
फल19830 66760000 1371200
सब्जियां 80215 159900000 3598000
मसाले 6950 67000000 1340000
फूल 271 2100000 42000
कुल 107266 295760000 6351200
(आवक और खपत के आंकड़े मीट्रिक टन में हैं। जो मंडी शुल्क तालिका में दिया गया है, वह भविष्य में मिलेगा। अब तक यह शासन को नहीं मिला है।)