गांवों में घर-घर दस्तक देकर बता रहे स्कूल जाने का महत्व
स्कूलों में नैतिक शिक्षा पर अभिभावकों का जोर
शहरी क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों को नैतिक शिक्षा अनिवार्य तौर पर देनी चाहिए। ज्यादातर बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं और उनकी गतिविधियों से अभिभावक अमूमन खुश नहीं हैं। अभिभावकों पुरुषोत्तम गुप्ता, राजेश शर्मा, दिनेश गुप्ता आदि का कहना है कि घर पर बच्चों को संस्कारों का माहौल देते भी हैं। लेकिन स्कूलों में ऐसा नहीं है। बच्चे अपने आसपास का माहौल देखकर बर्ताव कर रहे हैं। बड़ों का लिहाज करने से बच्चे सबसे ज्यादा दूर हो रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि इसके लिए स्कूल प्रबंधनों को अपने स्तर पर कोशिशें ज्यादा करनी होंगी।
बच्चों के नैतिक विकास के लिए अभाविप का प्रतिनिधिमंडल स्कूल प्रबंधन से मिला।
अनुशासन के लिए अभाविप भी आगे आई
स्कूली विद्यार्थियों को अनुशासन और नैतिकता से जोडने की जरूरत को लेकर अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सेंट जोसेफ कॉन्वेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रबंधन से मुलाकात की। सदस्यों का कहना था कि बड़े होते किशोर बच्चों को नैतिक शिक्षा का माहौल देना जरूरी है। स्कूल प्रबंधन ने इस विषय में और ज्यादा बेहतर करने का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल में अभाविप के पूर्व प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य हेमेंद्र नामदेव, नगर मंत्री पवन यादव, एसएफडी प्रमुख गोविंदा वैद्य, कॉलेज मंत्री जगदीश राजपूत, उपाध्यक्ष राहुल सिंह और शुभम शर्मा, सत्यप्रकाश, अजीत साहू, विक्रम पुष्पद शामिल थे।
भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़
राज्य शिक्षा केंद्र के दस्तक अभियान को ब्लॉक में बेहतर रिस्पांस मिल रहा है। निजी स्कूल हिंद कान्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थी अपने शिक्षकों के साथ पिछले सप्ताह से लगातार आसपास के गांवों में पहुंचकर ग्रामीण अभिभावकों से बात कर उन्हें प्रेरित कर रहे हैं कि वे अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। सवांसी, लखनवास गांवों में बच्चों ने करीब 75 अभिभावकों से संपर्क किया। इसके अलावा नंदगांव में स्कूल चलें हम अभियान के प्रेरक रामबाबू नागर घरों मं पहुंचकर अभिभावकों से बात कर बच्चों को स्कूल पहुंचा रहे हैं। गांव के शासकीय मिडिल स्कूल में 48 बच्चे दर्ज हैं। रामबाबू यहां के बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित करने के बाद आसपास के दूसरे गांवों में भी अभियान चलाएंगे।
अभियान से लोगों का जुड़ना एक सुखद बात है
दस्तक अभियान स्कूल से बाहर वाले बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने और स्कूलों में बच्चों की हाजिरी का प्रतिशत बढ़ाने के लिए शासन ने चलाया है। अच्छा है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढाने के लिए निजी स्कूल और दूसरे युवा अपनी जवाबदारी उठा रहे हैं। अजीत कुमार पांडे, बीआरसी नरसिंहगढ़।
हिंद कान्वेंट स्कूल के बच्चे ग्रामीणों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बात करते हुए।