गलत सर्वे रिपोर्ट बनाने पर किसान एकजुट
कार्यालय संवाददाता | नरसिंहगढ़
सोमवारको विधायक गिरीश भंडारी ने किसानों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर पिछले साल बारिश मे बर्बाद हुई खरीफ फसल के नुकसान की गलत रिपोर्ट बनाने वाले पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है उन्होंने बताया कि कई हल्कों के पटवारियों ने अपनी रिपोर्ट में बडे़ स्तर पर अनियमितता बरती है इससे जिन किसानों की पहले वास्तव में फसल बर्बाद हुई है , उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिल सका है अनियमितता की स्थिति यह है कि कई गांवों में 6 से 8 प्रतिशत तक नुकसान सर्वे रिपोर्ट मे दर्शाया गया , जबकि उनसे बिल्कुल सटे हुए गांवों में 50-60 प्रतिशत नुकसान बताया गया है उन्होंने लसूड़लिया पाता और मवासा का उदाहरण देते हुए बताया कि गांव के खेतों मे 69 प्रतिशत नुकसान की रिपोर्ट में बनाई गई है जबकि इन्हीं खेतों से लगे मवासा गांव के खेतों में 39 प्रतिशत तक नुकसान बताया गया है शिकायत के दौरान शिवनारायण , प्रहलाद सिंह , गनपत , बिहारीलाल सहित बडी़ तादाद मे किसान मौजूद थे
रबीके सर्वे मे भी गड़बड़ी
छहमहीने पहले रबी की फसल पर भी पाला और ओलों की मार पड़ी थी। इसके बावजूद पटवारियों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर रबी सीजन मे एक भी किसान को मुआवजे का हकदार नहीं माना गया जबकि इस दौरान पलासी , मंगतपुर , बरूडी़ , मदौरी सहित दर्जनों गांवों में फसलों को बडे़ पैमाने पर नुकसान पहुंचा था
फसल बीमा का नहीं मिलता फायदा
इसकेअलावा राज्य शासन की फसल बीमा योजना का भी फायदा किसानों को नहीं मिल रहा है किसान संजय सिंह ने बताया कि शासन द्वारा फसलों पर किसानों से 10 से 15 हजार रुपए तक सालाना वसूले जाते हैं इसकी तो किसानों को कोई रसीद दी जाती है और ही प्राकृतिक आपदा में फसल नष्ट होने पर बीमा कंपनी का कोई प्रतिनिधि खेतों में नुकसान का सर्वे करने पहुंचता है पिछले कई सालों से किसानों को फसल बीमा योजना के तहत एक रुपए का भी मुआवजा नहीं मिला है
ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन करेंगे
^एसडीएमने आश्वासन दिया है कि वे जांच कर कार्रवाई करेंगी हम इंतजार कर रहे हैं , अगर शिकायत पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन का सहारा भी लिया जाएगा -गिरीश भंडारी , विधायकनरसिंहगढ़
शिकायतगंभीर, जांच की जाएगी
^सर्वेमे अगर वाकई अनियमितता हुई है , तो यह गंभी बात है, जांच की जाएगी जो भी तथ्य सामने आएंगे , उनके आधार पर कार्रवाई क