िवद्यार्थियों की समस्या लेकर बीयू जाएंगे कॉलेज कमेटी के सदस्य
भास्कर संवाददाता| नरसिंहगढ़
बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय की मनमानी के खिलाफ अभाविप की स्थानीय इकाई और कॉलेज के विद्यार्थियों ने गुरुवार को शासकीय पीजी कॉलेज में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज के अकादमिक भवन से सभी को बाहर निकालकर शटर गिरा दी। वे पिछले दिनों बीकॉम पांचवें सेमेस्टर के कंप्यूटर एप्लीकेशन के पेपर में एटीकेटी वाले विद्यार्थियों की कॉपियों की सही तरीके से जांच करने और उन्हें पास करने की मांग कर रहे थे। विद्यार्थी कॉलेज प ्रबंधन से भी नाराज थे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभाविप के पूर्व प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य हेमेंद्र नामदेव ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे लोग पहले भी कई बार कॉलेज प्रबंधन को शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन कोई उनकी बात को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इस वजह से विद्यार्थियों का पूरा साल बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।
हंगामा बढ़ता देख कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस बुला ली। करीब 1 घंटे के बाद टीआई केएन मुकाती और अन्य लोगों की समझाइश के बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ प्रमोद भारतीय ने कॉलेज के 2 प्राध्यापकों की कमेटी को विद्यार्थियों के ज्ञापन के साथ विश्वविद्यालय भेजने का मौखिक आश्वासन दिया। इसके बाद अस्थाई तौर पर विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म किया। प्रदर्शन करने वालों में राहुल चौहान, प्रांशु शुक्ला, आयुषी गुप्ता, शानू शर्मा, वर्षा मालवीय, राहुल यादव, अल्ताफ खान, राजा वर्मा, रौनक दुबे के साथ अभाविप के हेमेंद्र नामदेव, विपन चंदेल, जीवन यादव, सागर उपाध्याय, राहुल मीणा, विक्रम पुष्पद, विक्रम मीणा, जगदीश सिंह आदि शामिल थे।
इस आशंका से डरे हुए हैं विद्यार्थी: अगर मामले का निराकरण फरवरी में ही नहीं हुआ तो मार्च में बीयू में अंक सूची बनाने के लिए टेंडर लग जाएंगे। तब स्थाई अंक सूचियां बनाकर उनमें विद्यार्थियों के नंबर चढ़ जाएंगे। ऐसा होने पर वे अनुत्तीर्ण माने जाएंगे और उनका एक साल बर्बाद हो जाएगा।
प्राचार्य के लिखित आश्वासन पर अड़े थे विद्यार्थी
इस मामले में एक विद्यार्थियों की मांग थी कि प्रभारी प्राचार्य उन्हें लिखित में 15 दिनों में निराकरण का आश्वासन दें। क्योंकि स्थानीय स्तर पर वे ही विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि हैं। दूसरी ओर प्राचार्य का कहना था कि यह विषय उनके हाथ में नहीं है। इसलिए वे ऐसा नहीं कर सकतीं। इसी जद्दोजहद में हंगामा बढ़ता गया।
दूसरी समस्याएं भी हैं
विद्यार्थियों के मुताबिक यही एक समस्या नहीं है। विद्यार्थियों की अंकसूची में गलत नाम और सरनेम दर्ज होने, उन्हें गैरहाजिर बताने जैसे मामले भी हैं जिससे विद्यार्थी परेशान हैं। उनका यह भी कहना है कि उनकी समस्याओं को लेकर कॉलेज या विश्वविद्यालय ने क्या कदम उठाए, यह भी उन्हें कभी नहीं बताया जाता। न ही इसकी कोई कॉपी उन्हें कभी दी जाती है।
आगे क्या
अभाविप के पूर्व प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य हेमेंद्र नामदेव के मुताबिक अभी पुलिस-प्रशासन, कॉलेज प्रबंधन और अन्य वरिष्ठों के कहने पर केवल 15 दिनों के लिए प्रदर्शन को स्थगित किया है। हल नहीं निकाला तो वे भूख हड़ताल करेंगे।
डॉ प्रमोद भारतीय, प्रभारी प्राचार्य शासकीय पीजी कॉलेज नरसिंहगढ़़।
सवाल- विद्यार्थियों की मांग पर प्रबंधन का क्या रुख है।
जवाब- हम हमेशा इनके दिए हुए ज्ञापन और आवेदनों को विश्वविद्यालय पहुंचाते रहे हैं। मामला वहीं से संबंधित है। इसलिए वहीं से निराकरण होना है।
सवाल- लेकिन विद्यार्थियों के मुताबिक वे बार-बार विश्वविद्यालय नहीं जा सकते। स्थानीय स्तर पर उनकी उम्मीद कॉलेज प्रबंधन से ही है।
जवाब- हम इस मामले में विद्यार्थियों की ओर से सीधे विश्वविद्यालय से बात नहीं कर सकते। चूंकि हम विश्वविद्यालय के कर्मचारी हैं। ऐसे में हम पर कार्रवाई का प्रावधान है।
सवाल- लेकिन विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी बात को कॉलेज गंभीरता से नहीं लेता है। साल बर्बाद होने की स्थिति में भी कोई जवाबदारी लेने को तैयार नहीं है।
जवाब- यह केवल अकेले नरसिंहगढ कॉलेज का नहीं, बल्कि और भी कई कॉलेजों का मसला है। बीयू ने कहा है कि सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों की जिन कॉपियों में नंबरों की गड़बड़ी हुई है, उन्हें विशेषज्ञों की पैनल दोबारा जांचेगी। इसमें कम से कम 15 दिन लगेंगे।
सवाल- विद्यार्थियों के लिए आखिर प्रबंधन अपने स्तर पर कर क्या रहा है।
जवाब- हम उन्हें अपनी ओर से लिखित आश्वासन नहीं दे सकते। लेकिन कॉलेज के 2 प्राध्यापकों की कमेटी बनाकर उन्हें शुक्रवार को ही विश्वविद्यालय भेजेंगे। उनके साथ विद्यार्थियों का ज्ञापन भी भेजेंगे। जो भी जवाब मिलेगा, उसकी जानकारी विद्यार्थियों को भी देंगे।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंचे टीअाई और पुलिस के जवान।
अाखिर में कॉलेज प्रबंधन ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया और समस्या के निराकरण का मौखिक आश्वासन दिया।