लाइसेंस बनवाने 6 माह की छूट
कानून के दायरे में यह कारोबारी
स्थाई,अस्थाई स्टॉल धारक, चलते-फिरते खाद्य विक्रेता, घर में स्थित केंटीन विक्रेता, चाय की दुकान, खाद्य वस्तुओं के निर्माता एवं प्रोसेसिंग करने वाले, खाद्य पदार्थों की दोबारा पैकेजिंग करने वाले, धार्मिक सभा आदि में खाने के स्टॉल लगाने वाले, सभी दूध उत्पादक, ढाबा, मांस विक्रेता, फल विक्रेता, बोर्डिंग स्कूल, कॉलेज, क्लब, मैरिज गार्डन आदि की कैंटीन कैटरिंग वालों के अलावा सहकारी सोसाइटी इस कानून के दायरे में हैं।
निज संवाददाता | नसरुल्लागंज
खाद्य कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस बनवाने के लिए एक बार फिर छह माह की छूट मिल गई है। अगस्त 2011 में फूड सेफ्टी एक्ट लागू होने के बाद से यह सातवीं बार मोहलत मिली है। बार-बार समय सीमा बढ़ने से खाद्य कारोबारी भी इस कानून को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जनपद क्षेत्र में 50 फीसदी लोग बिना रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस से खाद्य सामग्री का कारोबार कर रहे हैं।
अगस्त 2014 में बढ़ाई गई छह माह की मोहलत बीते 4 फरवरी को खत्म हो गई थी। फिर से तारीख बढ़ने से कारोबारियों की अब और छह माह यानि 4 अगस्त 2015 तक की मोहलत मिल गई है। कानून के मुताबिक ऐसे खाद्य व्यापारी जिनका सालाना कारोबार 12 लाख या इससे ज्यादा है और जिन्होंने लाइसेंस नहीं बनवाया है, उन पर 5 लाख तक का जुर्माना और छह माह की सजा का प्रावधान है। वहीं रजिस्ट्रेशन के बगैर खाद्य पदार्थ खरीदने और बेचने वाले छोटे कारोबारियों को 2 लाख का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
कारोबारियों में नहीं है रुचि
फूट सेफ्टी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस को लेकर नगर सहित ग्रामीण अंचल के कारोबारियों में कोई रुचि नहीं है। अभी तक 50 फीसदी कारोबारियों ने ही इस कानून के तहत पंजीयन कराया है। 50 फीसदी लोगों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई है। इस कानून के दायरे में शामिल सरकारी संस्थाएं भी रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर रही हैं। नियम के मुताबिक स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले समूह, राशन दुकान जैसी अनेक संस्थाओं को एक्ट का पालन करना जरुरी हैं। नसरुल्लागंज ब्लॉक की अनेक सरकारी संस्थाओं ने भी पंजीयन अभी तक नहीं कराया हैं।
कानूनमें सख्त प्रावधान : खाद्यसुरक्षा और मानक अधिनियम या फूड सेफ्टी एक्ट में सिर्फ लाइसेंस रजिस्ट्रेशन बनवाना ही मुद्दा नहीं है। कारोबारियों को कई कड़ी शर्तों का पालन करना है। कई तरह के रजिस्टर मेंटेन करना होंगे। इन रजिस्टरों का खाद्य सुरक्षा अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर सकते हैं। खाद्य वस्तुओं के उत्पादन तथा विक्रय के दौरान साफ-सफाई के कड़े मापदंड अपनाने होंगे।
^फूडसेफ्टी एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस बनवाने की तिथि छह माह और बढ़ गई है। अब खाद्य कारोबारी 4 अगस्त तक पंजीयन करा सकते हैं। पुष्पराजपाटिल, कनिष्ट निरीक्षक