सफाई कार्य को लेकर बैठक
नगर परिषद का गठन हुए दो माह से अधिक बीत चुके हैं। नगर के मतदाता आज भी नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद को लेकर आक्रोशित दिखाई दे रहे हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने के बाद नायब तहसीलदार प्रभारी सीएमओ यजुबेंद्र बाघमारे ने नप का कार्यभार संभाला तो सबसे पहले अध्यक्ष से मिलकर उन्होंने नगर की सफाई व्यवस्था पर गहन चिंतन किया।
इसके बाद बुधवार को उन्होंने नगर परिषद के 75 सफाई कर्मचारियों की एक बैठक पंवार धर्मशाला में आयोजित की। इस बैठक में जहां अध्यक्ष का गुस्सा कर्मचारियों को फूट पड़ा वहीं सीएमओ ने भी कर्मचारियों को नगर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
नियमित होना चाहिए नगर में साफ-सफाई का काम
नप अध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों को समझाईश दी कि इस नगर को सुंदर बनाने का सबसे प्रमुख कार्य आप लोगों के हाथ में है। प्रतिदिन वार्ड की नियमित सफाई नहीं होने, नालियों चोक होने की निरन्तर शिकायत मिलती जा रही है। इसके लिए पूर्ण ईमानदारी के साथ कार्य करना होगा। यदि नगर की सफाई व्यवस्था में कोई कोर कसर छोड़ी जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
नहीं मिलना चाहिए पार्षद की शिकायत
सीएमओं श्री बाघमारे ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि नगर के प्रत्येक वार्ड में तीन से चार घंटे तक सफाई की जाए। नालियों में जमा गंदे पानी की निकासी को सरलता के साथ की जाए। वार्ड के वार्डवासियों से समय-समय पर पूछताछ की जाए कि कहीं कोई गंदगी ऐसी तो नहीं जो हमें ना दिखाई दे रही हैं।
सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई
इसके अतिरिक्त सफाई के बाद भी यदि किसी पार्षद ने परिषद में सफाई व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त की तो आप लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जो कर्मचारी ईमानदारी के साथ कार्य नहीं करेगा उसका वेतन काट लिया जाएगा।
बैठक में सफाई कर्मचारियों ने भी अपनी कई समस्याओं से परिषद के पदाधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में 15 ही वार्डों में पार्षद पार्षद प्रतिनिधि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।